Nagpur News नकली नोटों को बाजार में चलाने के लिए शातिराना तरीका अपनाने वाले दो सगे भाइयों को नई कामठी पुलिस ने धर दबोचा है। पकड़े गए आरोपी व्यापारी हैं, जो दिन भर दुकान चलाने के बाद रात के अंधेरे में एटीएम मशीन का उपयोग कर जाली नोटों को सिस्टम में डालने का काम करते थे।सीसीटीवी और ट्रांजेक्शन ने खोला राज : पकड़े गए आरोपियों की पहचान अतुल रविशंकर यादव (42) और उसके भाई आरुल यादव, निवासी कामठी के रूप में हुई है। आरोपी अपनी दुकान बंद करने के बाद गरुड़ चौक स्थित एक बैंक के एटीएम में जाते थे। वहां वे कैश डिपॉजिट मशीन के जरिए चालाकी से नकली नोट जमा कर देते थे। 31 जुलाई 2025 को भी आरोपियों ने इसी तरह जाली नोट जमा किए थे। बैंक को लगातार मिल रहे नकली नोटों के बाद जब ऑडिट और पड़ताल शुरू हुई, तो सीसीटीवी फुटेज और बैंक ट्रांजेक्शन के मिलान से यादव भाइयों का चेहरा सामने आ गया।500 के 38 नोट और गिरोह के तार : पुलिस जांच में साफ हुआ है कि, आरोपियों ने 500 रुपए के कुल 38 नकली नोट (कुल 19,000 रुपए) बैंक में जमा कर उन्हें चलन में लाने का प्रयास किया था। फोरेंसिक रिपोर्ट में इन नोटों के नकली होने की पुष्टि होने के बाद पुलिस एक्शन में आई। नई कामठी पुलिस ने आरोपियों के घर पर छापा मारकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को संदेह है कि, इन व्यापारी भाइयों के तार किसी बड़े अंतरराज्यीय जाली नोट गिरोह से जुड़े हो सकते हैं, जो शहर में बड़े पैमाने पर नकली मुद्रा खपाने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल पुलिस यह पता लगा रही है कि, इनके पास यह खेप कहां से आई और अब तक वे कितने नोट बाजार में खपा चुके हैं।
Source: Dainik Bhaskar March 07, 2026 11:42 UTC