तो ऐसा लगता है कि वाकई मामा खतरनाक मूड में हैं तभी एनडीटीवी की खबर का उन्होंने फटाफट संज्ञान लिया. बुधवार को हमने खबर दी थी कैसे अनुबंध के नाम पर किसानों को पन्ने भर का फॉर्म थमाया गया, ना ढंग से शर्तें लिखी गईं ... ना कंपनी की सील थी, ना किसी के हस्ताक्षर. कंपनी के नाम पर खाद-दवा बेचने वाले कारोबारी का नाम था, हस्ताक्षर उसके भी नहीं. एनडीटीवी की इस खबर पर कांग्रेस ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी, राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा था, "भारत के किसान ऐसी त्रासदी से बचने के लिए कृषि-विरोधी क़ानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन कर रहे हैं. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा ... मुख्यमंत्री ने एनडीटीवी पर खबर दिखाये जाने के बाद कह दिया है कि अब ऐसा नहीं होगा, फॉर्मेट होगा, किसानों को ट्रेनिंग भी मिलेगी.
Source: NDTV December 25, 2020 13:18 UTC