Muzaffarpur News डा.बीरेन्द्र ने कहा एनाटामी मेडिकल साइंस की आत्मा एनाटामिकल सोसाइटी आफ इंडिया का वार्षिक सम्मेलन सम्मेलन एनाटामी के वर्ग का घटा दिया गया है समय पढ़ाई के लिए आसानी से नहीं मिल रहे शव ।मुजफ्फरपुर, {अमरेंद्र तिवारी}। बिहार-झारखंड स्टेट चैप्टर आफ एनाटामिकल सोसाइटी आफ इंडिया के 9वें वार्षिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि डा.बीरेन्द्र किशोर ने कहा कि एनाटामी मेडिकल साइंस की आत्मा है। हर मेडिकल छात्र को इसे मनोयोग से पढऩा चाहिए। बेहतर चिकित्सक बनने के लिए एनाटामी के अध्ययन में विशेषता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में देखने को मिल रहा है कि एनाटामी के वर्ग का समय घटा दिया गया है। पहले पढ़ाई के लिए शव आसानी से मिल जाते थे। अब सभी मेडिकल कालेज में इसको लेकर परेशानी हो रही है। इससे मानव स्ट्रेक्चर या फिर टीवी के सहारे इस विषय की पढ़ाई हो रही है। इससे पढ़ाई का स्टेंडर गिर रहा है। यह केवल भारत ही नहीं पूरे विश्व स्तर पर इंग्लैंड सहित अन्य देशों में भी यही हाल है। यह चिंता का विषय है। सरकार को चाहिए कि बदलती परिस्थिति में किस तरह से व्यवस्था मजबूत हो इसका उपाय हो ताकि मेडिकल कालेज के छात्र और बेहतर अध्ययन कर सकें।एनाटामी नींव की पहली ईंटविशिष्ट अतिथि डा.कमलेश तिवारी ने कहा कि एनाटामी मेडिकल साइंस की पढ़ाई की पहली ईंट है। इसके शिक्षक को छात्र सदा याद करते हैैं। उन्होंने 45 साल तक एसकेएमसीएच के मेडिसीन विभाग के शिक्षक के रूप में सेवा दी। यह देश के बेहतर कालेजों में शामिल है। उन्होंने कोरोना पर लिखी अपनी पुस्तक का वितरण किया। इसमें कोरोना के इलाज और पहली व दूसरी लहर में देश के विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुभव की चर्चा है।वर्धा माडल पर हो कामप्राचार्य विकास कुमार ने कहा कि वर्धा मेडिकल कालेज के चार छात्र एक परिवार की देखरेख करते हैैं। यह माडल लागू होना चाहिए। पहले एक गांव फिर वह दिन दूर नहीं जब पूरा जिला कालेज का परिवार होगा। इससे शोध में सुविधा होगी। आयोजन सचिव एनाटामी विभागाध्यक्ष डा.बिनोद कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया। एनाटामी की वैज्ञानिक पांडुलिपि, संपादन की संभावना पर डा.के.सतीश रवि प्रकाश व एसकेएमसीएच सर्जरी विभाग के वरीय चिकित्सक भारतेन्दु कुमार पेट के विसरा के लेप्रोस्कोपिक दृश्य की प्रस्तुति की। मौके पर एम्स जोधपुर के डा.हरेकृष्ण, डा.जीके ठाकुर, डा.एनपी सिन्हा, डा.बीएस झा, डा.संजय कुमार, डा.अरुण कुमार, डा.दीपक कर्ण, डॉक्टर अवीनाश कुमार, डॉक्टर अशोक कुमार सिंह, डॉक्टर सुबोध कुमार, डॉक्टर राकेश रंजन मौजूद आदि थे।
Source: Dainik Jagran October 30, 2021 22:10 UTC