\Bतल्ख हो सकते हैं पड़ोसी देशों से रिश्ते\Bवर्तमान संवत 2076 का नाम प्रमादी है। इसके राजा शनि और मंत्री सूर्य हैं। शनि के राजा पद पर विराजने से भारत के पड़ोसी देशों से संबंधों पर नकारात्मक असर पड़ेगा। सूर्य के मंत्री होने से पड़ोसियों से कटुता बढ़ेगी। पड़ोसी देशों से मित्रता का हृास और सदभाव का नाश और विदेश नीति का बंटाधार होता है। इस समीकरण को भारत-पाकिस्तान, भारत-बांग्लादेश और भारत-चीन से जोड़ कर देखा जा सकता है। कूटनीति में पाकिस्तान परास्त होगा। भारत-पाकिस्तान के बीच झड़प में पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ेगी।24 मार्च 2020 संवत 2077 आनंद वजूद में आएगा। इसके राजा बुध और मंत्री चंद्रमा होंगे। इस संवत पर कालसर्प का प्रभाव दृष्टिगोचर हो रहा है। इस संवत के राजा और मंत्रियों में भी आपसी अंतर्द्वंद्व कुछ अलग पटकथा लिख रहा है। सरकार और प्रजा में अंतर्विरोध मुखर होगा। पड़ोसियों से तनाव में तल्खी के बाद कुछ स्थिति में सुधार होगा।---------\Bसाल 2020 की कुंडली\B\Bमुख्य बिंदु\B- शोध एवं अनुसंधान बढ़ेंगे- फसल अच्छी होगी- ऋण देने वाली संस्थाएं खस्ताहाल होंगी- पूंजी बाजार में अस्थिरता रहेगी- मुद्रा बाजार प्रभावित होगा- विदेशी व्यापार में गतिरोध उत्पन्न होगा- क्रूड ऑयल के मूल्य में वृद्धि- महामारी, रेल व परिवहन दुर्घटनाएं- समुद्री भाग में कोई बड़ी दुर्घटना- प्राकृतिक आपदा से जान माल की हानि- सैन्य कार्रवाई की संभावना- सैन्य आयुध के क्रय-विक्रय में गति- युद्धजनित हालत बनेंगे- संधिवार्ता और मैत्री के प्रयास होंगे- शिक्षा प्रणाली और बौद्धिक स्तर में सुधार का सूत्रपात2020 जब दस्तक देगा आकाश मंडल में धनु राशि में सूर्य, बुध, गुरु, शनि और केतु पांच ग्रह एक साथ नजर आएंगे। शुक्र मकर, मंगल वृश्चिक और चंद्रमा कुंभ में गतिशील होंगे। यह योग प्रजा में विद्रोह और वैमनस्य को जन्म देता है। पर मकर संक्रांति के पश्चात सूर्य के उत्तरायण से स्थिति में जरा परिवर्तन आएगा और सूर्य बुध के साथ मकर में चलायमान रहेगा। यह स्थिति परिस्थितियों पर सरकारी अंकुश और दमन को दर्शाती है। अप्रैल में शनि और केतु जब धनु में रह जाएंगे, तब बृहस्पति की संगति का उन पर असर होगा और नैतिकता का पाठ पढ़ाएंगे, जिससे सरकार के खिलाफ आंदोलनों की धार कुछ समय के लिए कुंद होगी। शनि घर में शनि के साथ मंगल और बृहस्पति की उपस्थिति विचित्र स्थिति का निर्माण करेगी। मई में शुक्र की राशि वृष में जब शुक्र के साथ सूर्य और बुध की मंत्रणा होगी, किसी रसूखदार व्यापारी की सरकार अनबन होगी। किसी आध्यात्मिक व्यक्ति को स्वास्थ्य या कानूनी समस्या होगी। दो शक्तिशाली राष्ट्र, राष्ट्राध्यक्षों या ताकतवर व्यक्तियों में तल्खी नजर आएगी। दो शत्रु देशों में झड़प संभव है। जून में सत्ता से जुड़े लोगों की तिकड़म नुमाया होगी और राजनीतिक साजिशें होंगी। शासन-प्रशासन और जनता में पुनः मतभेद उभरेंगे। बड़े व्यापारी मलाई काटेंगे छोटे हाथ मलेंगे। छात्रों और शासन के संबंधों में तल्खी आएगी। सरकार क्रूर नजर आएगी और उसका पलड़ा भारी होगा। किसी होगा। किसी बड़े आध्यात्मिक गुरु, शिक्षा शास्त्री अथवा संस्थान पर उंगली उठेगी।राजा बुध एवं मंत्री सोम के कारण 2020 में केंद्र और प्रदेश की सत्ता का आपसी सामंजस्य विचित्र व अति मतभेद पूर्ण रहेगा, लिहाजा वर्षपर्यंत पूरा देश राजनीतिक बवंडर से प्रभावित रहेगा। इस साल विश्व में शिक्षा प्रणाली सुधार और बौद्धिक प्रगति का स्तर सुधारने हेतु अनेक नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी, श्रमिक कल्याण और जल संचयन के प्रति भी लोग जागरूक होंगे।पूर्वी क्षेत्र में सैन्य कार्यवाही की संभावना है। सैन्य आयुध के क्रय-विक्रय में गति आएगी। युद्ध जनित हालत बनेंगे, किंतु साथ ही संधिवार्ता और मैत्री के प्रयास भी होते रहेंगे। इस वर्ष की ग्रह दशाएं महामारी, रेल व अन्य परिवहन दुर्घटनाएं होंगी। समुद्री भाग में कोई बड़ी दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा से जान माल की हानि संभव है। पूंजी बाजार में अस्थिरता रहेगी। मुद्रा बाजार प्रभावित होगा। विदेशी व्यापार में गतिरोध उत्पन्न होगा। क्रूड आयल के मूल्य में वृद्धि, शेयर बाजार की मंदी, बैंक तथा ऋण देने वाली संस्थानो की बदहाली आर्थिक मोर्चे पर भी अनेक चुनौतीयों को आमंत्रण देगी। बेरोजगारी बढ़ेगी।कृषि का क्षेत्र उत्तम उत्पादन से सराबोर होगा। वर्षा मध्यम रहेगी। ग्रीष्म ऋतु की फसल की पर्याप्त मात्रा में उपज होगी। देश में नीति नियम तथा न्यायालय की प्रक्रिया में सुधार आएगा। नैतिक स्तर पर लोगों की सोच परिष्कृत होगी जो भविष्य के लिये अच्छा संकेत है। शोध एवं अनुसंधान के प्रति भी लोगों का रुझान बढ़ेगा, जो देश को विकास पथ पर आगे ले जाएगा।
Source: Navbharat Times December 31, 2019 03:00 UTC