Mumbai News राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल से शुद्ध पानी पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई जल जीवन मिशन योजना की रफ्तार धीमी पड़ गई है। विधानसभा में सरकार ने स्वीकार किया कि राज्य में हजारों जलापूर्ति योजनाओं का काम अपेक्षित गति से पूरा नहीं हो सका है। विधानसभा में विधायक नाना पटोले, अमीन पटेल और असलम शेख ने इस मुद्दे को उठाया। इसका जवाब देते हुए जलापूर्ति व स्वच्छता मंत्री गुलाबराव पाटील ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य में जल जीवन मिशन के तहत कुल 51 हजार 560 जलापूर्ति योजनाएं स्वीकृत हैं जिनमें से 26 हजार 499 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 25 हजार 61 योजनाएं अभी विभिन्न चरणों में चल रही हैं।केंद्र से फंड नहीं, काम की गति हुई धीमीपाटील ने बताया कि सितंबर 2024 से केंद्र सरकार की ओर से फंड प्राप्त नहीं हुआ है। निधि की कमी के कारण कई जगह काम की रफ्तार धीमी हो गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने स्तर पर पैसे जारी किए हैं। काम पूरी तरह बंद न हो, इसके लिए राज्य सरकार ने विशेष निर्णय लेते हुए अपने खजाने से अतिरिक्त निधि जारी की है। साल 2024-25 में 2 हजार 483 करोड़ रुपए, 2025-26 में 2 हजार 348 करोड़ रुपए जारी किए।मिशन की समयसीमा बढ़ाने का प्रस्तावकेंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की अवधि दिसंबर 2028 तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने इस संबंध में राज्यों को पत्र भेजा है। हालांकि निधि की कमी और धीमी प्रगति को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में यह चिंता भी जताई जा रही है कि क्या बढ़ी हुई समयसीमा के भीतर सभी परियोजनाएं पूरी हो पाएंगी।
Source: Dainik Bhaskar March 17, 2026 18:51 UTC