Modi: बहराइच में बोले पीएम मोदी, 'मेरे डर से रुकीं आतंकवादी घटनाएं' - pm modi says in bahraich it's his fear which stopped terror attacks in india - News Summed Up

Modi: बहराइच में बोले पीएम मोदी, 'मेरे डर से रुकीं आतंकवादी घटनाएं' - pm modi says in bahraich it's his fear which stopped terror attacks in india


चुनाव हमेशा जीतने के लिए लड़ा जाता है, यह बात कई मायनों में सच है लेकिन देश में कुछ लोग ऐसे भी हुए हैं जो चुनावी दंगल में हारने के लिए ही खड़े होते हैं। इन्हें 'धरती पकड़' के नाम से जाना जाता है। इनमें से कोई मनोरंजन के लिए तो कोई राष्ट्रवाद की भावना फैलाने के उद्देश्य से मैदान में होता है। यहां जानिए प्रमुख पांच 'धरती पकड़' के बारे मेंबरेली के रहनेवाले थे। वार्ड पार्षद से लेकर राष्ट्रपति तक का चुनाव लड़ा। जवाहर लाल नेहरू ने विधानसभा टिकट देने की पेशकश की थी, लेकिन काका ने मना कर दिया। जमानत राशि जब्त होने पर वह कहते कि यह देश के फंड में उनका योगदान है।भागलपुर के रहनेवाले हैं। इन्होंने लगभग हर राज्य से चुनाव लड़ा हुआ। इसबार दिल्ली और पटना से लड़ रहे हैं। नामांकन में अपने साथ गधों को ले जाते थे। कहते कि यह दिखाता है कि नेता कैसे लोगों को मूर्ख बनाते हैं।तमिलनाडु का यह शख्स इलेक्शन किंग के नाम से मशहूर है। पद्मराजन अपने नाम गिनेस रेकॉर्ड दर्ज कराना चाहते हैं और वह भी सबसे ज्यादा चुनाव हारने वाले प्रत्याशी के तौर पर। इसबार धर्मपुरी सीट से चुनावी मैदान में।ओडिशा के रहनेवाले हैं। पीवी नरमिम्हा राव, बीजू पटनायक, नवीन पटनायक के खिलाफ लड़े चुनाव। इसबार सुबुधी ने बरहामपुर और अस्का सीट ने नामांकन भरा है।'अडिग' वारणसी के रहनेवाले हैं। यहीं से वह पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। भगवान राम की तरह ड्रेस पहनकर नामांकन करने पहुंचे थे।नई दिल्ली जंक्शन: लोकसभा चुनाव पर बिहार के वोटरों की रायXप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को दावा किया कि उनके डर से देश में आतंकवादी घटनाएं रुकी हैं, मगर इस खतरे को पूरी तरह टालने के लिए केन्द्र में उनके नेतृत्व वाली मजबूत सरकार दोबारा बनानी होगी। मोदी ने उत्तर प्रदेश के बहराइच में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि मेरी सरकार की प्रतिबद्धता की वजह से आतंकवाद सीमित दायरे में हो गया है।उन्होंने कहा, 'अब आपको मंदिरों, बाजारों, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन पर बम धमाके की खबरें नहीं सुनाई देती हैं। ये सब मोदी के डर के कारण बंद हुआ है। अभी वे सुधरे नहीं हैं, खतरा अभी टला है, खत्म होना बाकी है। आज भी हमारे आसपास आतंकी नर्सरी चल रही है।'मोदी ने कहा, 'इस क्षेत्र को रामायण सर्किट और बुद्ध सर्किट के जरिए पूरे देश से जोड़ा जा रहा है, लेकिन याद रखिए जब आतंकवाद बढ़ता है तो उसका पहला शिकार आस्था के ऐसे ही केन्द्र होते हैं, इसलिए देश को ऐसी ही मजबूत सरकार की जरूरत होगी। कमल पर पड़ने वाला वोट राष्ट्ररक्षा के लिए होगा।' मोदी ने पूछा कि क्या आतंक की इस नर्सरी को एसपी और बीएसपी बंद कर सकती हैं? इसके अलावा आतंकवाद से लड़ने वाले सैनिकों का विशेषाधिकार हटा देने की बात करने वाली कांग्रेस क्या आतंक से लड़ सकती है?प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी की आज हालत ऐसी है कि उसे इस बात का पता ही नहीं है कि उसे प्रतिपक्ष का नेता बनने का मौका मिलेगा भी या नहीं। वर्ष 2014 में तो मौका मिला नहीं था। इस बार तो जनता इतने गुस्से में है कि 2019 में भी उन्हें कुछ नसीब नहीं होगा।उन्होंने कहा, 'जो लोग 50-55 सीट लेकर विपक्ष का नेता बनने तक की स्थिति में नहीं हैं, वे प्रधानमंत्री बनने के लिए दर्जी के पास कपड़े सिलवा रहे हैं। ये लोग चाहते हैं कि किसी भी तरह खिचड़ी सरकार बन जाए। कमजोर सरकार बन जाए। तब तीन महीने कोई प्रधानमंत्री बनेगा और तीन महीने कोई और। आपको क्या ऐसी बात मंजूर है? ऐसे लोगों को क्या वाकई देश और उसकी जनता के भविष्य की चिंता है?'


Source: Navbharat Times April 30, 2019 11:19 UTC



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