Mehdi Hasan के बारे में लता मंगेशकर ने कहा था, उनके गले से भगवान बोलते हैं...नई दिल्ली, जेएनएन। आज 13 जून को Mehdi Hasan की पुण्यतिथि है। ठीक 7 साल पहले 2012 में कराची के आगा खान यूनिवर्सिटी अस्पताल में उनका निधन हो गया था। उनका निधन पाकिस्तान में हुआ था, पर वह जन्मे भारत में थे और उनकी गजल के दीवाने दोनों देशों में हैं। इसलिए उन्हें शहंशाह ए गजल कहते हैं। लता ने उनकी तारीफ करते हुए कहा था कि ऐसा लगता है मेहंदी हसन साहब के गले से भगवान बोलते हैं।कभी साइकिल की दुकान पर काम किया थामेहंदी हसन का जन्म राजस्थान के झुंझुनूं जिले के लूणा गांव में 18 जुलाई 1927 को हुआ था। मेहंदी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनसे पहले उनकी 15 पीढ़ियां संगीत से जुड़ी थीं। उनके घराने का नाम था कलावंत। मेहंदी हसन ने संगीत की शुरुआती शिक्षा अपने पिता अजीम खान और चाचा इस्माइल खान से ली। दोनों ही ध्रुपद के जानकार थे। फिर मेहंदी का परिवार पाकिस्तान चला गया। वहां मेहंदी ने साइकिल की दुकान पर काम किया। मोटर मेकैनिक भी बने लेकिन संगीत हमेशा दिल में रहा।ठुमरी से शुरू हुआ करियर1957 में रेडियो पाकिस्तान में ठुमरी गायक के रूप में मेहंदी को पहचान मिली। इसके बाद वह गजल गायक के तौर पर कामयाब हो गए। वह 1999 तक सक्रिय रहे। लेकिन फिर उनके गले में कैंसर हो गया और वह गायकी से दूर हो गए। लेकिन फिर 2010 में उनकी एक रिकार्डिंग सरहदें आई थीं। इसकी एक गजल ...तेरा मिलना बहुत अच्छा लगे है... की रिकॉर्डिंग मेहंदी ने पाकिस्तान में की और फिर 2010 में लता मंगेशकर ने अपनी रिकॉर्डिंग मुंबई में की। इस तरह यह युगल एलबम तैयार हुआ।मशहूर गजलें1. दिल की बात लबों पर लाकर अब तक हम दुख सहते हैं। हम ने सुना था इस बस्ती में दिल वाले भी रहते हैं।2, मोहब्बत करने वाले कम न होंगे, तेरी महफिल में लेकिन हम न होंगे।3. रंजिशें ही सही।4. अबकी हम बिछड़े तो5. दिल ए नादान तुझे हुआ क्यालोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एपPosted By: Vineet Sharan
Source: Dainik Jagran June 13, 2019 07:30 UTC