मेरठ (ब्यूरो)। कार खरीदने का मन है और फैमली कंफर्ट के साथ हाई फीचर्स की तलाश कर रहे तो मार्केट में इस समय सभी कंपनियों के बजट फ्रैंडली मॉडल उपलब्ध है। बस जरुरत है सही रिसर्च की ताकि आप अपने लिए एक सही कार का चयन कर सकें। मध्यमवर्गीय परिवारों की इस डिमांड को देखते हुए कंपनी अब अपने बेस मॉडल से ही फीचर्स की भरमार देने लगी है। ऐसे में ग्राहकों को कम बजट में हैचबैक फीचर्स के साथ-साथ स्पेशियस इंटीरियर, शानदार माइलेज और कम मेंटेनेंस वाली गाड़ियों के विकल्प मिल रहे हैं।बजट में फीचर्स से भरपूर बेस मॉडलगौरतलब है कि मध्यम वर्गीय परिवार के 6 से 8 लाख रुपये के बजट में आने वाली गाडियों के मॉडल को काफी पसंद किए जा रहे हैं। ये मॉडल किफायती होने के साथ-साथ अपने स्पेशियस इंटीरियर, शानदार माइलेज और कम मेंटेनेंस कॉस्ट की वजह से मिडिल क्लास परिवारों की पहली पसंद बन चुकी है। रोजमर्रा की जरूरतों और बजट के बीच संतुलन बनाने वाले परिवारों के लिए ये गाड़ियां एक परफेक्ट पैकेज साबित होती है। अधिकतर कंपनियों के बस मॉडल में ही 9-इंच स्मार्ट टचस्क्रीन, पार्किंग सेंसर, सेंट्रल लॉकिंग, हिल असिसट कंट्रोल, आटो ऑन ऑफ और एयरबैग जैसे फीचर्स मिल रहे हैं। जो ट्रैफिक जाम, पहाड़ों से लेकर कच्ची सड़कों पर बेहतरीन और सुरिक्षत ड्राइविंग का अहसास कराते हैं।सेफ्टी फीचर्स की बढ रही डिमांडजैसे जैसे कार का मार्केट बढ़ रहा है ग्राहकों की पसद को देखते हुए कपंनियां भी फीचर्स में इजाफा कर रही है। मारुति, हुंडई, टाटा जैसी कंपनियों के बेस मॉडल में भी अब अधिकतर जरुरी फीचर्स देखने को मिल रहे हैं। साथ ही ये गाड़ियां सुरक्षा के मामले में भी अब पहले से काफी बेहतर हो चुकी है। इन कंपनियों के बेस मॉडल में भी स्टैंडर्ड फीचर्स जैसे: डुअल एयरबैग, एबीएस, ईबीडी, रिवर्स पार्किंग सेंसर, सीट बेल्ट रिमाइंडर दिए जा रहे हैं। ऐसे में ये गाड़ियां कंफर्ट के साथ साथ परिवार को सुरक्षित ड्राइविंग का भरोसा देती हैं।फीचर्स के साथ माइलेज की डिमांडमिडिल क्लास से आने वाले लोग बजट कार में अब फीचर्स के साथ माइलेज प्रमुख सवाल रहता है। ऐसे में बेहतर माइलेज देखना है तो कम सीसी वाले इंजन का चुनाव करना जरूरी है। इतना ही नहीं अगर आपका रोजाना का सफर लंबा है तो डीजल इंजन को भी ध्यान में रखना जरुरी है।जरूरत के हिसाब से ही लें फीचर्सवहीं कार खरीदते समय यह ध्यान देना ही जरुरी नही है कि गाडी में पर्याप्त फीचर्स हैं या नही, बल्कि इस पर ज्यादा देना जरुरी है कि जो फीचर्स मिल रहे है वो काम के हैं भी या नही। अक्सर लोग ऐसी मंहगी कार खरीद लेते हैं जिसमें दिए गए फीचर्स उनके किसी काम के नहीं होते। जैसे कि घर में कुछ लोगों को एंड्रॉइड ऑटो और एप्पल कारप्ले से कोई मतलब नहीं होता और ना ही उन्हें क्रूज कंट्रोल और ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल से कुछ काम होता है, इतना ही नहीं पैनोरामिक सनरूफ भी उनके किस काम नही आती। ऐसे में आप उन्हें टॉप मॉडल के बजाए बेस मॉडल या बीच वाला मॉडल देकर कुछ पैसे बचा सकते हैं।बेस मॉडल में अधिकतर कंपनियां सभी जरुरी फीचर्स उपलब्ध करा रही हैं। ऐसे में ग्राहक बेस मॉडल ही अधिक पसंद कर रहे हैंं। सेफ्टी के लिए भी एयरबैग, सेंसर, फाइव सीट बेल्ट जैसी फीचर्स दिए जा रहे हैं।मनीष कुमार, सीनियर टीम लीडर , ग्रैंड टोयटाफीचर्स की तो बहुत अधिक डिमांड है, एडॉस फीचर, 360 डिंग्री कैमरा सेफ्टी के हिसाब से काफी डिमांड में है लेकिन यह 12 लाख से अधिक के मॉडल में मिलते हैं। बाकि बेसिक फीचर्स 8 लाख तक की गाडियों में दिए ही जा रहे हैं।नीतेश चौधरी, सेल्स एक्सपर्ट, हुंडईनेविगेशन, स्मार्ट डिस्प्ले, सेंट्रल लॉक, पार्किंग सेंसर जैसे बेसिक फीचर्स ही अधिक डिमांड में रहते हैं। इस डिमांड को देखते हुए सभी मॉडल में यह फीचर्स दिए जा रहे हैं।प्रतीक गुप्ता, सेल्स मैनेजर, टाटा
Source: Dainik Jagran January 05, 2026 21:15 UTC