- रंगकर्मी स्वर्गीय चंद्रमोहन की स्मृति में हुआ नाट्य मंचन, सम्मान- राय उमानाथ बली सभागार में कामायनी संस्था ने की नाट्य प्रस्तुति\Bएनबीटी, लखनऊ\Bराय उमानाथ बली कैसरबाग में शनिवार को संगीत नाटक अकैडमी के पूर्व नाट्य पर्यवेक्षक स्वर्गीय चंद्रमोहन की स्मृति में नाट्य मंचन हुआ। कामायनी संस्था के कलाकारों ने हास्य परिहास के दृश्यों से भरे नाटक 'हसीना मान जाएगी' की प्रभावी प्रस्तुति देकर श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर वरिष्ठ रंगकर्मी लक्ष्मीकांत पांडेय और नवल शुक्ल को सम्मानित भी किया गया। वहीं, संस्था सचिव नवीन श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष प्रदीप श्रीवास्तव, अध्यक्ष राजेश जायसवाल ने उनके योगदान और स्मृतियों को साझा किया। प्रस्तुति राजकुमार अनिल के लेखन, स्वर्गीय चंद्रमोहन के निर्देशन और कार्यकारी निर्देशक नवीन श्रीवास्तव में हुई।जब नकली मलय से मंदा कर लेती है शादीनाटक की कहानी सेठ हरिदास की इकलौती बेटी पुत्री मंदा की शादी पर बुने गई कहानी से होती है। सेठ हरिदास बेटी की शादी अपने अजीज दोस्त के बेटे मलय से मंदा की शादी करना चाहते हैं। मलय के मंदा को देखने आने खबर सुन सेठ के लालची मुनीम रामजी पैसों के लालच में ऐसी कहानी बुनते हैं कि दर्शक हंस-हंस के लोटपोट हो जाते हैं। मुनीम चित्रकार को नकली मलय कुमार बनाकर ले आता है। तो दूसरी ओर मंदा को बचपन से पसंद करने वाला मोहल्ले का कवि अपनी कविताओं से मंदा को मनाने की जुगत तेज कर देता है। इसी बीच असली मलय के आने के बाद मुनीम की पोल खुल जाती है। उधर मंदा असली मलय कुमार की जगह नकली मलय से शादी कर लेती हैं। हास्य परिहास के संवाद और दृश्यों के बीच सभागार ठहाकों से गूंज उठा।
Source: Navbharat Times September 29, 2019 00:56 UTC