Lucknow Samachar: बड़े मंगल परबड़े भंडारे - big mangal bhandare - News Summed Up

Lucknow Samachar: बड़े मंगल परबड़े भंडारे - big mangal bhandare


ज्येष्ठ के अंतिम मंगल आज, सुबह चार बजे खुलेंगे हनुमान मंदिरों के कपाटएनबीटी, लखनऊ : ज्येष्ठ का अंतिम बड़ा मंगल आज है। इस आखिरी बड़े मंगल पर बड़े यानी खूब भंडारे लगेंगे। सोमवार शाम से सड़कों के किनारे भंडारों के लिए तंबू कनात लगने लगे थे। वहीं मंदिरों में भी तैयारियां चल रही थीं। सुबह चार बजे से ही मंदिरों के कपाट खोल दिए जाएंगे।नया हनुमान मंदिर: अलीगंजबांटे जाएंगे 90 हजार लड्डूअलीगंज के नए हनुमान मंदिर में 90 हजार लड्डू बांटे जाएंगे। इसके साथ ही 2001 कालेजामों का भोग भी लगेगा और आम चढ़ाए जाएंगे। सुबह आठ बजे हलुआ और दोपहर में मिक्स सब्जी, चटनी, रायता, पूड़ी सब्जी आदि का भोग लगाया जाएगा। इस अवसर पर भव्य मेला भी लगेगा। गर्मी को देखते हुए दर्शन करने आए लोगों की सुविधा के लिए 26 विशेष पंखें भी लगवाए जा रहे हैं।हनुमान सेतु: सुबह चार बजे मंगला आरतीहनुमान सेतु मंदिर में साठ हजार लड्डू बांटेंगे। सुबह चार बजे मंदिर के कपाट खुलने पर मंगला आरती होगी। इसके साथ ही सुबह छह और रात आठ बजे भी आरती होगी। मंदिर को विशेष तौर पर सजाया गया है। अलीगंज के पुराने हनुमान मंदिर के महंत गोपाल दास और छाछी कुआं मंदिर के महंत बाबा अंजन दास महाराज की मौजूदगी में आरती होगी।हजरतगंज में चढ़ेंगी खड़ाऊंहजरतगंज में राम भक्त हनुमान की दक्षिण मुखी प्रतिमा स्थापित है। मूल प्रतिमा पीपल के पेड़ के नीचे स्थापित है। इसे पंडित भागवत प्रसाद त्रिपाठी ने 1940 में स्थापित किया था। बाद में पंडित मंशाराम ने दूसरी प्रतिमा स्थापित करवाने के साथ ही मंदिर बनवाया था। मंदिर में खड़ाऊं भेंट करने की परंपरा है। पंडित अनिल त्रिपाठी के अनुसार अब तक दस हजार से अधिक खड़ाऊं साधू-संतों में बांटे जा चुके हैं। जवाहर भवन इंदिरा भवन परिसर में संस्कृति विभाग की तरफ से भजन समारोह का आयोजन करवाया जा रहा है। इस अवसर पर भंडारा भी होगा। है।दूरदर्शन में बंटेगा दोसा और दही बड़ादूरदर्शन केन्द्र में भी भंडारा लगाया जाएगा। कार्यक्रम संयोजक शिव कुमार साहू ने बताया कि प्रसाद में दही वड़ा, दोसा, बूंदी एवं कुलचे छोले का वितरण किया जाएगा।जानिए, इन मंदिरों के बारे मेंराम चरित मानस का मंदिरनादान महल रोड पर प्राचीन लंका दहन मंदिर है। मंदिर की दीवारों पर राम चरित मानस अंकित हैं। इतिहासकार योगेश प्रवीण के अनुसार लंका दहन के बाद हनुमान जी का चेहरा श्यामल हो गया था। इसलिए मंदिर में श्यामल प्रतिमा स्थापित है। हालांकि सिंदूर के कारण अब मूल रंग नहीं दिखता।नदी तट पर लेटे हनुमान के दर्शनअंग्रेजों के समय के बने लाल रंग के पक्के पुल के पास लेटे हुए हनुमान का पातालपुरी मंदिर है। बजरंगबली की छह फुट की प्रतिमा के कंधे पर प्रभु राम और लक्ष्मण विराजमान है। मान्यता है कि मूर्ति नदी में बहती हुई तट तक पहुंची थी। कई बार की दिशा बदलने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली।प्राचीन पंचमुखी प्रतिमानादान महल रोड पर पंचमुखी मंदिर के पुजारी रामकृष्ण पाठक के अनुसार मंदिर में स्थापित मूर्ति कानपुर की मोती झील से मिली थी। घोड़ा गाड़ी पर रखकर लखनऊ लाने के दौरान पहिया नादान महल रोड में रोड पर धंस गया। काफी कोशिश के बावजूद गाड़ी आगे न बढ़ने पर मूर्ति को वहीं स्थापित कर दिया गया।रामसेतु के तैरते पत्थररामसेतु के तैरते पत्थर बीरबल साहनी मार्ग स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में देखे जा सकते हैं। कांच के टैंक में तैरते पत्थर को रखा गया है। कुछ समय पहले मंदिर में राम दरबार भी स्थापित किया गया है।


Source: Navbharat Times June 11, 2019 01:00 UTC



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