\B-नैशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से राजधानी के 40 परीक्षा केंद्रों पर हुई नीट\Bफोटो है\Bएनबीटी, लखनऊ : \Bनैशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से रविवार को नैशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) 2019 आयोजित की गई। इसमें फिजिक्स के कठिन सवालों को हल करने में अभ्यर्थियों के पसीने छूट गए। परीक्षार्थियों के मुताबिक, पिछले साल की अपेक्षा फिजिक्स के न्यूमैरिकल आधारित सवाल ज्यादा पूछे गए, जिससे पेपर पूरा करने में काफी समय लगा। वहीं, बायो के सवाल काफी आसान पूछे गए, जिससे कुछ राहत मिली, जबकि केमेस्ट्री के प्रश्न मॉडरेट थे, जो कुछ अभ्यर्थियों के लिए कठिन थे।नीट के लिए राजधानी में करीब 40 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिन पर करीब 36 हजार परीक्षार्थी पंजीकृत थे। परीक्षा दोपहर 2:00 से शाम 5:00 बजे तक चली। परीक्षा देकर निकले परीक्षार्थियों ने बताया कि परीक्षा में 180 प्रश्न पूछे गए थे। इनमें बयॉलजी, फिजिक्स और केमेस्ट्री के बराबर-बराबर सवाल शामिल थे। हर एक प्रश्न के चार अंक निर्धारित थे, जबकि एक गलत प्रश्न पर एक अंक काटने के निर्देश थे। देश के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स में दाखिले के लिए नीट आयोजित की जाती है।\B अचानक बदला केंद्र, हंगामा\B कानपुर रोड स्थित केंद्र बनाए गए एक स्कूल पर डेढ़ बजे अभ्यर्थियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। प्रवेश न मिलने पर दूर-दराज से आने वाले अभ्यर्थियों ने हंगामा किया। अभ्यर्थियों के मुताबिक, अचानक परीक्षा केंद्र बदले गए, जिससे केंद्र पर पहुंचने में मुश्किलें हुईं। हालांकि, हंगामे के बाद अभ्यर्थियों को प्रवेश दे दिया गया।\B'हाई जाएगी मेरिट'\Bकेमेस्ट्री का पूरा सिलेबस एनसीईआरटी बेस्ड था, जिन छात्रों ने अच्छी तरह तैयारी की थी, उन्होंने आसानी से इसे हल कल लिया। बायो में पांच सवाल एनसीईआरटी सिलेबस से बाहर से पूछे गए थे। इनमें तीन बॉटनी, एक जेनेटिक्स और एक जुलॉजी का था। फिजिक्स में पिछले साल से ज्यादा न्यूमैरिकल आधारित सवाल थे। फिलहाल, फिजिक्स का कुछ पार्ट छोड़ दें तो पेपर आसान था, इसलिए मेरिट हाई जाएगी। -\Bमनीष सिंह, विशेषज्ञ\B
Source: Navbharat Times May 06, 2019 00:56 UTC