Loksabha Election 2019 : हमको ज्यादा बोलने की आदत तो है नहीं, लेकिन हम भी फसल काटते हैंमथुरा, जेएनएन। लोकसभा चुनाव 2019 में अपनी सीट बरकरार रखने को बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल और मथुरा लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी हेमा मालिनी ने अपना कल से अपना व्यापक प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा में अनोखे ढंग से उनका प्रचार अभियान इन दिनों बेहद चर्चा में हैं।हेमा मालिनी कल चुनाव प्रचार के लिए मथुरा के गोवर्धन इलाके में गईं और वहां खेत में जाकर पहले गेहूं काटा और इसके बाद बालियों को अपने हाथ से उठाकर दूसरी जगह रखा। उनकी इस अदा को देखकर फिल्म शोले में उनका बात-बात में यह कहना कि हमको बेफिजूल बोलने की आदत तो है नहीं, लेकिन हम कहे देते है कि यूं कि हम फसल भी काटते हैं।ये भी पढ़ें - Loksabha Election 2019 :यूपी में दूसरे चरण के मतदान में चमकेगा सियासत में ग्लैमर, 18 को पड़ेंगे वोटमथुरा के खेतों में गेहूं की कटाई कर रहीं महिलाओं के बीच अचानक शोले की बसंती पहुंच गई। हाथ में हंसिया लिया और गेहूं की फसल काटने लगीं। महिलाओं ने जब अपने साथ हेमा को देखा तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ। तपती दोपहरी में हेमा मालिनी महिलाओं के बीच पहुंची, उन सभी से हाल-चाल पूछा और लगे हाथ हंसिया लेकर गेहूं काटने लगी।मथुरा में पांच वर्ष तक होटल राधा अशोक में जनता दरबार लगाने वाली सांसद हेमामालिनी कल कड़ी धूप के बावजूद गोवर्धन क्षेत्र में घूमी। इस दौरान कैमरा और लोगों का हुजूम साथ था। गांव देवसेरस के पास खेत में महिला को गेहूं काटते देख वो गाड़ी रुकवाकर उतर गर्इं।अच्छे अदाकार की तरह किसान से हंसिया लिया और कटे पड़े गेहूं को दरांती से उठा लिए। मुस्कराई और फ्लैश चमक उठीं। पिछले चुनाव के दौरान भी हेमा मालिनी ने सांकेतिक गेंहू की फसल काटी थी और इसके बाद कुंआ से पानी भी खींचा था।मथुरा में लोकसभा का चुनाव में मतदान दूसरा चरण में 18 अप्रैल को है। मथुरा लोकसभा सीट यूपी के हॉट सीटों में एक मानी जा रही है। यहां पर हेमा मालिनी की टक्कर एसपी-बीएसपी गठबंधन के उम्मीदवार कुवर नरेंद्र सिंह और कांग्रेस के उम्मीदवार महेश पाठक से है।यहां सभी प्रत्याशी जोर-शोर से जनता के बीच जाकर अपनी बात रख रहे हैं। मथुरा में अब मतदान में सिर्फ 18 दिन बचे हैं। यह देश की वीआईपी सीटों में शुमार है। 2014 के लोकसभा चुनाव में पहली बार मैदान में उतरीं हेमा मालिनी को मथुरा में करीब 53 फीसदी वोट मिले थे। उन्होंने आरएलडी के अध्यक्ष तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री अजित चौधरी के बेटे जयंत चौधरी को शिकस्त दी थी।चुनाव की विस्तृत जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करेंPosted By: Dharmendra Pandey
Source: Dainik Jagran April 01, 2019 04:59 UTC