इस बात पर गौर करें कि बच्चा जो खेल रहा है उस गेम में बतौर खिलाड़ी उसे क्या करना होता है। आज ऐसे गेम्स की भरमार है, जो गेम के हर लेवल पर बच्चों को कॉइन खरीदने या पैसे खर्च करने के लिए प्रेरित करते हैं। ऐसे में बच्चे गेम की लत के शिकार हो बैठते हैं, पता नहीं चलता। अगर आपका बच्चा गेम में कुछ खरीदने को कहे, तो उसे समझाएं और इस तरह के गेम्स से बच्चों को दूर रखें।प्ले स्टोर और ऐप स्टोर पर गेम्स को उम्र की रेटिंग दी गई होती है। ऐसे में जरूर देखें कि आपका बच्चा अपनी उम्र के लिहाज से ठीक गेम्स ही खेल रहा है या नहीं? इसके अलावा जरूर देखें कि गेम ने डिवाइस की किन परमिशन का एक्सेस लिया है जैसे कि कैमरा, लोकेशन आदि। अगर कोई गेम जरूरत से ज्यादा चीजों का एक्सेस लेता दिखे, तो उसे डिलीट कर दें।इस बात में दो राय नहीं है कि वीडियो गेम भी माइंड को शार्प करते हैं लेकिन गौर करें कि आपका बच्चा टास्क या चैलेंज आधारित गेम न खेल रहा हो। गेम खेलते हुए अगर आपका बच्चा अजीब व्यवहार करे जैसे कि खुद को कमरे में बंद करना आदि तो चौकन्ने हो जाएं। ऐसे कई मामले समय-समय पर आए हैं, जिसमें टास्क बेस्ड गेम्स खेलने के चलते बच्चों की जान गई हो। ऐसे में ध्यान रखें कि बच्चे किस गेम पर समय बिता रहे हैं।आजकल कई गेम्स ऐसे हैं, जो कि प्लेयर्स को आपस में बात करने का फीचर देते हैं। कहने का मतलब है कि कोई भी अजनबी प्लेयर आपके बच्चों से संपर्क कर सकता है। ऐसे में हमेशा देखें कि आपका बच्चा जो गेम खेल रहा है, उसमें ऐसा फीचर है या नहीं। अगर फीचर है, तो बच्चा किस से बात कर रहा है इस पर नजर रखें। वहीं अगर बच्चे की उम्र बहुत ज्यादा नहीं है, तो उन्हें इस तरह के फीचर्स से लैस गेम खेलने से रोकने में ज्यादा भलाई है।कोरियन लवर जैसे गेम साधारण गेम्स की कैटेगरी में नहीं आते। इन्हें टास्क बेस्ड, सिमुलेशन या रोल-प्लेइंग गेम कहा जाता है। K-Drama और कोरियन पॉप कल्चर पर आधारित इस गेम में प्लेयर को एक वर्चुअल कोरियन कैरेक्टर के प्यार में दिखाया जाता है। गेम इस तरह डिजाइन किए जाते हैं कि खिलाड़ी को लगता है कि वह सच में किसी से बात कर रहा है। इसमें मिलने वाले टास्क और चुनौतियां धीरे-धीरे खिलाड़ी को असल जिंदगी से काट देती हैं। इसी तरह के ब्लू व्हेल या मोमो चैलेंज जैसे गेम्स पहले भी चर्चा का विषय बन चुके हैं। खतरनाक बात ये है कि इन गेम्स के कुछ अनऑफिशियल वर्जन या उनसे जुड़े ऑनलाइन कम्युनिटी ग्रुप्स प्लेयर्स को खतरनाक टास्क देते हैं। ऐसे में अगर आपका बच्चा भी फोन या टैब पर गेम खेलता है, तो आपके लिए कुछ चीजों का ध्यान रखना जरूरी हो जाता है।
Source: Navbharat Times February 04, 2026 12:10 UTC