डिजिटल डेस्क,जबलपुर। शहर के चारों ओर रिंग आकार में 3 हजार करोड़ की लागत से पांच अलग-अलग हिस्सों में 114 किलोमीटर की िरंग रोड तैयार की जा रही है। इसका पहला हिस्सा जो शारदा मंदिर से चूल्हा गोलाई तक 16 किलोमीटर है, इसको एनएचएआई अप्रैल तक हर हाल में तैयार कर देगा।नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इण्डिया ने इस हिस्से के वर्क की समीक्षा की, उसमें बताया कि रिंग रोड के पहले हिस्से का काम 84 फीसदी पूरा कर लिया गया है। इसमें छोटे-बड़े सभी सड़क ब्रिजों पर काम लगभग पूरा है। केवल नदी पर बन रहा नर्मदा एक्स्ट्राडोज ब्रिज है, जिसका काम दिसंबर तक पूरा होगा। सर्विस रोड सहित पूरी सड़क गर्मियों की शुरुआत में अप्रैल से पूरी तरह से खुल जाएगी।इसके जितने डायवर्सन प्वाॅइंट व ब्लॉक हैं, उनको एक-एक कर सड़क बनने के साथ खोलना शुरू कर दिया जाएगा। रिंग रोड सड़क का मुख्य हिस्सा तैयार हो चुका है। इसकी सर्विस रोड पर काम बाकी है, कुछ हिस्सों में फिनिशिंग वर्क चल रहा है। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृत लाल साहू कहते हैं कि दो माह में इसकी सर्विस रोड का काम पूरा हो जाएगा। किसी भी हाल में अप्रैल तक पहला हिस्सा फिनिश कर दिया जाएगा।एक नजर इस परकुल निर्माणाधीन रिंग रोड 114 किलोमीटर की है।इसमें पहला हिस्सा 16 कि.मी. लागत 550 करोड़।पूरे एरिया में 9 छोटे फ्लाई ओवर, 30 कि.मी सर्विस रोड।सड़क की कुल चौड़ाई सर्विस रोड सहित 150 फीट।अप्रैल तक इसको तैयार करने का दावा किया जा रहा।16 किलोमीटर में 9 ब्रिजरिंग रोड का जो पहला हिस्सा 16 किलोमीटर का है। इसमें 9 छोटे फ्लाई ओवर तैयार किए जा रहे हैं। इन छोटे फ्लाई ओवर में 4 अंडर व्हीकल पास से वाहन नीचे से निकल सकेंगे, तो शेष अप्रोच रोड सहित 400 से 600 मीटर तक के ब्रिज हैं। इन ब्रिजों से टाउन के आसपास रहने वाली आबादी मुख्य सड़क से नीचे से आराम से निकल सकेगी। इसमें मुख्य हिस्से में ट्रैफिक में बाधा नहीं होगी।30 किलोमीटर की सर्विस रोडपहले हिस्से में शारदा मंदिर से लेकर चूल्हा गोलाई की सीमा तक दोनों ओर 30 किलोमीटर की सर्विस रोड है। इन सर्विस रोड की चौड़ाई 22-22 फीट है। सर्विस रोड को बनाने का उद्देश्य यही है कि जिनको करीबी गांव या टाउन में जाना हो वे मुख्य सड़क का उपयोग नहीं करेंगे। इसके चलते उनसे किसी तरह का टोल भी नहीं लिया जाएगा।
Source: Dainik Bhaskar February 16, 2026 13:12 UTC