Jabalpur News: शहर के कई क्षेत्रों में नहीं हो रहा डोर-टू- डोर कलेक्शन घरों में जमा कचरा सड़क पर फेंकने के लिए हो रहे मजबूर - News Summed Up

Jabalpur News: शहर के कई क्षेत्रों में नहीं हो रहा डोर-टू- डोर कलेक्शन घरों में जमा कचरा सड़क पर फेंकने के लिए हो रहे मजबूर


डिजिटल डेस्क,जबलपुर। नगर निगम के कई क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की गाड़ियां नहीं पहुंच रही हैं। शहर के कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां पर कई दिन से कचरा गाड़ियां नहीं पहुंच रही हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि 25 से अधिक कचरा गाड़ियां खराब हैं, लेकिन उनका सुधार कार्य नहीं कराया जा रहा, इससे लोगों के घरों में कचरा जमा हो रहा है।नगर निगम द्वारा घरों से कचरा एकत्र करने के लिए शहर के 79 वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की गाड़ियां चलाई जा रही हैं। होली के बाद से शहर के सिविल लाइन्स, अधारताल, रांझी, चंद्रशेखर वार्ड, भगत सिंह वार्ड, अम्बेडकर वार्ड, रामपुर, कमला नेहरू नगर, राम मनोहर लोहिया वार्ड, कृष्णा कॉलोनी, विजय नगर, मदर टेरेसा नगर, रामपुर, शास्त्री नगर, लाला लाजपत राय वार्ड, प्रियदर्शिनी कॉलोनी, गुप्तेश्वर, हाथीताल, बाबूराव परांजपे वार्ड, अमखेरा, बहोराबाग सीओडी कॉलोनी सुहागी और आनंद नगर क्षेत्र में कचरा गाड़ियां नहीं पहुंच रही हैं। इसके कारण लोगों के घरों में कचरा जमा हो रहा है। सीएसआई और सुपरवाइजर को फोन करने पर भी कचरा गाड़ियां नहीं भेजी जा रहीं। इससे लोगों को सड़क पर कचरा फेंकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।खराब वाहनों का नहीं हो रहा सुधारनगर निगम के सूत्रों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से 25 से अधिक कचरा गाड़ियां खराब हैं। नगर निगम के अधिकारी कचरा गाड़ियों का सुधार नहीं करा रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि कचरा गाड़ियों के सुधार कार्य में लापरवाही बरती जा रही है। इसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।एक वार्ड पर औसत 5 वाहनवर्तमान में नगर निगम के पास 400 कचरा गाड़ियां हैं। एक वार्ड में औसत 5 गाड़ियां जाती हैं। हकीकत यह है कि प्रतिदिन 350 कचरा गाड़ियां निकलती हैं। गाड़ियां खराब होने और चालकों की गैर हाजिरी के कारण 50 गाड़ियां नहीं निकल पातीं। नगर निगम के अधिकारी शत-प्रतिशत कचरा गाड़ियां चलाने में सफल नहीं हो पा रहे हैं।जीपीएस से नहीं हो रही मॉनिटरिंगनगर निगम की ओर से दावा किया जा रहा है कि सभी कचरा गाड़ियों में जीपीएस लगा दिए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि कचरा गाड़ियों की जीपीएस से मॉनिटरिंग नहीं की जा रही है। इससे पता नहीं चल पा रहा है कि कौन सी गाड़ी किस क्षेत्र में जा रही है और कितने चक्कर लगा रही है।डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। जिन क्षेत्रों से कचरा गाड़ियां नहीं पहुंचने की शिकायत आती है, वहां पर प्राथमिकता के आधार पर कचरा गाड़ी पहुंचाई जाती है।अंकिता बर्मन, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम


Source: Dainik Bhaskar March 30, 2026 22:47 UTC



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