डिजिटल डेस्क,जबलपुर। अस्पताल में इलाज के दौरान बीमा कंपनी कैशलेस का दावा तो करती है पर छुट्टी के दौरान सेटल करने के बजाय रिजेक्ट कर रही है। यह आरोप पॉलिसीधारकों के द्वारा लगाया जा रहा है। वहीं बिल सबमिट करने पर जमा दस्तावेज बार-बार मांगकर क्लेम डिपार्टमेंट के अधिकारी गोलमाल कर रहे हैं। ऐसी ही शिकायत मध्यप्रदेश के उज्जैन निवासी देवेन्द्र कुमार बैरागी ने की है।उन्होंने बताया कि निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से स्वास्थ्य बीमा कराया हुआ है। पॉलिसी क्रमांक 35682476202500 का प्रीमियम देते आ रहे हैं। पत्नी सुमित्रा बैरागी का स्वास्थ्य खराब होने के कारण इंदौर के निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इलाज के दौरान बीमा कंपनी में कैशलेस के लिए मेल किया गया तो अधिकारियों ने बिना कारण बताए रिजेक्ट कर दिया।बीमित को अपने खर्च पर पूरा इलाज कराना पड़ा। इलाज के बाद बीमा कंपनी में सारे दस्तावेज जमा किए तो अनेक प्रकार की खामियां निकालकर जमा दस्तावेज की डिमांड की जा रही है। पीड़ित का आरोप है कि उन्हें निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी के द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है। वहीं कंपनी प्रवक्ता से संपर्क किया गया पर संपर्क नहीं हो सका।इन नंबरों पर बीमा से संबंधित समस्या बताएंस्वास्थ्य बीमा से संबंधित किसी भी तरह की समस्या आपके साथ भी है तो आप दैनिक भास्कर मोबाइल नंबर - 9425324184, 9425357204 पर बात करके प्रमाण सहित अपनी बात दोपहर 2 बजे से शाम 7 बजे तक रख सकते हैं। संकट की इस घड़ी में भास्कर द्वारा आपकी आवाज को खबर के माध्यम से उचित मंच तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
Source: Dainik Bhaskar February 19, 2026 16:59 UTC