शुक्रवार से शुरू हुए सर्वे में 12 तरह की बीमारियों की जानकारी ली जा रही हैपिछले सर्वे में 7 हजार से ज्यादा सर्दी-खांसी और बुखार के मरीज मिले थेदैनिक भास्कर Jun 22, 2020, 02:05 PM ISTइंदौर. मानसून में कोरोनावायरस का संक्रमण ज्यादा तेजी से बढ़ सकता है। इसी आशंका को देखते हुए इंदौर जिले में शुक्रवार से एक बार फिर से सभी लोगों का सर्वे किया जा रहा है। सर्वे के शुरुआती तीन दिन में ही सर्दी-खांसी और बुखार के 800 से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं। 137 आशा कार्यकर्ता और 762 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की टीम शहर की 1976 कॉलोनियों में सर्वे कर रही है।कोरोनावायरस की बढ़ती गति और कम्युनिटी स्प्रेडिंग की आशंका को देखते हुए अप्रैल माह में प्रशासन द्वारा पूरे जिले में सर्वे कराया गया था। तब सर्दी-खांसी और बुखार के 7 हजार से ज्यादा मरीज मिले थे। अब मानसून आने से कारोनावायरस के संक्रमण का खतरा एक बार फिर बढ़ गया है जिसे देखते हुए एक बार फिर से सर्वे कराया जा रहा है। शहर में रहने वाले प्रत्येक परिवार के सदस्यों का सर्वे किया जा रहा है। सर्दी-खांसी और बुखार के अलावा दिल की बीमारी, कैंसर, तपेदिक, उच्च रक्तचाप, दमा आदि बीमारियों की जानकारी एप में दर्ज की जा रही हैं।मोबाइल एप के जरिए जानकारी एकत्र की जा रही हैइस सर्वे के लिए प्रशासन द्वारा 64 डॉक्टरों, 1214 शिक्षकों, 21 एएनएम, 137 आशा कार्यकर्ता और 762 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की टीम तैयार की गई है। स्क्रीनिंग सेंटर के प्रभारी के अनुसार यह सर्वे पेपरलेस है और मोबाइल एप के जरिए जानकारी एकत्र की जा रही है। संभागायुक्त पवन शर्मा ने सर्वे में लगे अमले से कहा है कि यह सर्वे खानापूर्ति के लिए नहीं है, हमारा लक्ष्य कोरोना पर नियंत्रण करना है। इसलिए इसके लक्षणों से संबंधित मरीजों को नजरअंदाज नहीं करें।नए क्षेत्रों से आ रहे संक्रमित मरीजलॉकडाउन के दौरान शहर के कुछ चिन्हित क्षेत्रों से ही कोरोनावायरस के पॉजिटिव मरीज मिल रहे थे लेकिन अनलॉक-1 के दौरान मिली छूट के चलते अब नए-नए क्षेत्रों में कोरोना का संक्रमण फैल रहा है। शहर के जिन रहवासी क्षेत्रों और कॉलोनियों को कोरोना के कंटेनमेंट जोन से डिनोटिफाई किया गया था वहां फिर से संक्रमण पहुंच गया है।
Source: Dainik Bhaskar June 22, 2020 08:30 UTC