जागरण संवाददाता, आरा(भोजपुर)। Indian Railways ने यात्रियों की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए कई नई पहल शुरू की हैं। आरा जंक्शन से यात्रा करने वाले यात्रियों को अब शिकायत, सहायता और जानकारी के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर भटकने की जरूरत नहीं है।‘रेलमदद’ से एकीकृत हुई सभी सेवाएं रेलवे की “रेलमदद” प्रणाली के तहत हेल्पलाइन 139, वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और एसएमएस सेवाओं को एकीकृत कर दिया गया है। इससे आरा जंक्शन सहित पूरे नेटवर्क पर यात्रियों को त्वरित सहायता मिल रही है।शिकायत दर्ज से लेकर ट्रैकिंग तक सुविधा इस प्रणाली के जरिए यात्री अपनी शिकायत आसानी से दर्ज कर सकते हैं और उसके समाधान की स्थिति भी ट्रैक कर सकते हैं। खास बात यह है कि समस्या के समाधान के बाद यात्री फीडबैक भी दे सकते हैं।आरा जंक्शन पर बढ़ा उपयोग, तेजी से समाधान आरा जंक्शन के यात्री अब इस सुविधा का सक्रिय रूप से उपयोग कर रहे हैं। इससे छोटी-बड़ी समस्याओं का समाधान तेजी से हो रहा है और सेवा की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिल रहा है।खानपान व्यवस्था में बड़ा सुधार रेलवे ने खानपान व्यवस्था को भी बेहतर बनाया है। अब यात्रियों को विभिन्न राज्यों के लोकप्रिय क्षेत्रीय व्यंजन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे यात्रा का अनुभव और भी बेहतर हो रहा है। देशभर के स्वाद अब ट्रेनों में उपलब्ध यात्रियों को भोजपुरिया लिटी-चोखा, गुजरात का थेपला, पश्चिम बंगाल का माछेर झोल, कर्नाटक का मेदु वड़ा, मध्य प्रदेश का इंदौरी पोहा और राजस्थान की प्याज कचौरी जैसे व्यंजन मिल रहे हैं। ओवरचार्जिंग पर सख्ती, जुर्माना भी लगाया रेलवे हर साल करीब 58 करोड़ भोजन परोसता है। ओवरचार्जिंग की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पिछले तीन वर्षों में 2.6 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। डिजिटल सिस्टम से बढ़ी पारदर्शिता पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यात्रियों को एसएमएस के जरिए मेन्यू और दरों की जानकारी दी जा रही है। पीओएस मशीनों से कैशलेस भुगतान और क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र कैटरिंग स्टाफ के लिए अनिवार्य किए गए हैं।
Source: Dainik Jagran March 26, 2026 10:26 UTC