फरवरी 2026 की शुरुआत में भारत और अमेरिका ने एक अंतरिम ट्रेड डील को अंतिम रूप दे दिया है। अगस्त 2025 में अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर 25% रेसिप्रोकल और 25% पेनल्टी टैरिफ लगाकर कुल 50% शुल्क कर दिया था, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था। अब इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय सामानों पर शुल्क घटाकर लगभग 18% कर दिया है, जबकि भारत ने भी चुनिंदा अमेरिकी उत्पादों पर आयात शुल्क कम करने पर सहमति दी है।खरीद प्रतिबद्धताओं के तहत लंबे समय में सप्लाई स्थिर होगी और कीमतों पर दबाव घटेगाऔद्योगिक वस्तुओं और चुनिंदा उपभोक्ता उत्पादों पर शुल्क कटौती से लागत कम होगीआयात बाधाएं कम होने से कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और बिजनेस टेक की कीमतें घटेंगीटैरिफ तुरंत या फेज वाइज तरीके से घटे/खत्म होंगे, जिससे डेयरी व ड्राई फ्रूट्स स्थानीय या अन्य आयात की तुलना में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेंगेडीडीज़ीएस (एनिमल फीड), रेड सोरघम, ड्राई फ्रूट्स (बादाम, अखरोट), ताजे व प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, डेयरी उत्पाद, दालें, प्रोसेस्ड फूडThe India–US Trade Deal ensures full protection for Indian farmers, with no entry granted for vegetables. Dried vegetables, beans and pulses, as well as roots and tubers such as potatoes and sweet potatoes remain excluded, with no concessions extended. 🔗 Learn more:… pic.twitter.com/x9IQilTUiyडील के तहत भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कई कृषि उत्पादों पर टैरिफ खत्म या फेज-वाइज तरीके से कम करेगा। अमेरिका ने भारत पर लगाए गए दंडात्मक शुल्क हटाने और रेसिप्रोकल दरों में कटौती का फैसला लिया है। साथ ही मेडिकल डिवाइस, आईसीटी उत्पादों पर नॉन-टैरिफ बाधाएं कम होंगी और रक्षा, विमानन व फार्मा सेक्टर में भारत अमेरिकी खरीद बढ़ाएगा।भारत में कौन-से अमेरिकी सामान होंगे सस्तेइस समझौते से कई अमेरिकी उत्पाद भारतीय बाजार में सस्ते होंगे। इसमें एनिमल फीड (DDGs, रेड सोरघम), ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम-अखरोट, फल-प्रोसेस्ड फूड, सोयाबीन ऑयल, डेयरी प्रोडक्ट्स, लैपटॉप-इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, टेलीकॉम सामान, घरेलू उपकरण, वाइन-स्पिरिट्स और औद्योगिक वस्तुएं शामिल हैं। टैरिफ घटने से इनकी लैंडेड कॉस्ट कम होगी।भारत को होने वाले फायदेसस्ते आयात से पशुपालन, मैन्युफैक्चरिंग और टेक इंडस्ट्री को फायदा मिलेगा। उपभोक्ताओं को बेहतर और किफायती विकल्प मिलेंगे। वहीं अमेरिकी बाजार में बेहतर पहुंच से भारत के टेक्सटाइल, फार्मा, जेम्स-ज्वेलरी जैसे सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा। यह सप्लाई चेन मजबूत करेगा और चीन पर निर्भरता कम करने में मदद करेगा।अमेरिकी खरीद बढ़ाएगा भारत:भारत अगले वर्षों में अमेरिकी खरीद बढ़ाएगा और विस्तृत ड्यूटी शेड्यूल सरकारी नोटिफिकेशन में जारी होंगे। यह अंतरिम समझौता आगे एक बड़े द्विपक्षीय व्यापार समझौते की नींव तैयार करता है।
Source: Dainik Jagran February 10, 2026 10:41 UTC