India News: मोदी सरकार ने आयकर विभाग के 12 वरिष्ठ अधिकारियों की छुट्टी की: सूत्र - 12 senior officers of commissioner ranks compulsorily retired by the finance ministry - News Summed Up

India News: मोदी सरकार ने आयकर विभाग के 12 वरिष्ठ अधिकारियों की छुट्टी की: सूत्र - 12 senior officers of commissioner ranks compulsorily retired by the finance ministry


मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त ऐक्शन लेते हुए आयकर विभाग के 12 वरिष्ठ अधिकारियों की छुट्टी कर दी है। सूत्रों ने बताया है कि जिन अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है, उनमें से एक जॉइंट कमिश्नर रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं। इनमें से कुछ अफसरों पर रिश्वत, जबरन वसूली तो एक पर महिला अफसरों का यौन शोषण करने के गंभीर आरोप लगे थे।अफसरों की इस लिस्ट में सबसे पहला नाम एक जॉइंट कमिश्नर की रैंक के अफसर का है, जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार और तांत्रिक चंद्रास्वामी की मदद करनेवाले कारोबारियों से जबरन वसूली की गंभीर शिकायतें मिली थीं।इनमें एक IRS अधिकारी भी हैं जो नोएडा में कमिश्नर (अपील) के पोस्ट पर तैनात थे। उन पर कमिश्नर रैंक की ही दो IRS महिला अफसरों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। जबरन रिटायर किए गए एक और IRS अफसर ने अपने और परिवार के दूसरे सदस्यों के नाम 3.17 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अर्जित कर ली थी। चल और अचल संपत्तियां उन्होंने कथित तौर पर अपने पद के दुरुपयोग, भ्रष्टाचार और गैरकानूनी तरीके से जुटाई थी।इनमें आयकर विभाग के एक कमिश्नर भी हैं, जिनके खिलाफ CBI की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया था। उन्हें अक्टूबर 2009 में सेवा से निलंबित कर दिया गया था। उन पर आपराधिक मुकदमा लंबित था। अब सरकार ने इन्हें भी जबरन रिटायर कर दिया है।एक और वरिष्ठ अधिकारी भ्रष्टाचार और वसूली के कई मामलों में लिप्त पाए गए। उन्होंने कई गलत और बदनीयत से आदेश जारी किए थे, जिसे बाद में अपीलीय अथॉरिटीज द्वारा पलट दिया गया था। इन्हें भी सरकार ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है।एक अफसर के पास से 1.55 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का पता चला, जो उनके आय के ज्ञात स्रोतों से 133.71 फीसदी ज्यादा है। इन्होंने पैसे को ठिकाने लगाने के लिए हवाला चैनलों का भी इस्तेमाल किया। अब सरकार ने इन्हें भी जबरन रिटायर कर दिया है।कमिश्नर रैंक के एक और अधिकारी पर गाज गिरी है। इन्हें फर्जी कंपनी के एक मामले में राहत पहुंचाने के लिए एक कारोबारी से 50 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप था। इन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गैरकानूनी तरीके से 3.13 करोड़ की बेहिसाब संपत्तियां अर्जित कर ली थी। सरकार ने इन्हें भी जबरन रिटायर कर दिया है।रूल 56 का इस्तेमाल ऐसे अधिकारियों पर किया जा सकता है जो 50 से 55 साल की उम्र के हों और 30 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। सरकार के द्वारा इन अधिकारियों को अनिवार्य रिटायरमेंट दिया जा सकता है। ऐसा करने के पीछे सरकार का मकसद बेहतर प्रदर्शन न करने वाले सरकारी कर्मचारी/अधिकारी को रिटायर करना होता है। सरकार के जरिए अधिकारियों को अनिवार्य रिटायरमेंट दिए जाने का यह नियम काफी पहले से प्रभावी है।


Source: Navbharat Times June 10, 2019 14:26 UTC



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