Hindi NewsNationalIndia Faces Oil Gas Crisis | LPG Concerns Amid Iran Warसरकार बोली- सिलेंडर की पैनिक बुकिंग में कमी: ऑनलाइन बुकिंग बढ़कर 94% तक पहुंची; अमेरिका से LPG की सप्लाई हो रही, कीमतों में बढ़ोतरी नहींनई दिल्ली 7 घंटे पहलेकॉपी लिंकभारत सरकार के मंत्रालयों ने वेस्ट एशिया के हालिया घटनाक्रमों के कारण तेल-गैस संकट पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की।पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि LPG चिंता का विषय बनी हुई है लेकिन देश में किसी भी LPG डिस्ट्रीब्यूटर के पास सिलेंडरों की कमी नहीं है। सिलेंडरों की सप्लाई सामान्य है।पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, अब करीब 94% सिलेंडर बुकिंग ऑनलाइन हो रही है, जबकि डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड सिस्टम 76% तक प्रभावी हो गया है। पैनिक बुकिंग में भी कमी आ रही है। 18 मार्च को करीब 57,000 रीफिल बुकिंग हुई।वेस्ट एशिया के हालिया घटनाक्रमों पर पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने आगे बताया कि भारत में करीब 70% कच्चा तेल अब होर्मुज स्ट्रेट के बाहर के क्षेत्रों से आ रहा है। युद्ध के कारण दबाव जरूर है, लेकिन कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।पेट्रोलियम मंत्रालय की तरफ से ये बातें केंद्रीय मंत्रालयों की जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही गई। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरे वैश्विक समुदाय के लिए परीक्षा की घड़ी है।सरकार ने कहा- दूसरे जगहों से LPG लेने की कोशिश कर रहेपेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि सरकार ने कॉमर्शियल LPG उपभोक्ताओं से CNG पर शिफ्ट करने की अपील की है और कई कंपनियों ने इसके लिए इंसेंटिव भी घोषित किए हैं।सुजाता शर्मा ने कहा कि मिडिल ईस्ट में हालात का सीधा असर भारत की एनर्जी सप्लाई पर पड़ता है, इसलिए सरकार अन्य जगहों से भी सप्लाई लेने की कोशिश कर रही है।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ईरान समेत कई देशों से लगातार बातचीत कर रहा है, ताकि ऊर्जा सप्लाई बिना रुकावट बनी रहे।जंग के दौरान करीब 2.8 लाख लोग वेस्ट एशिया से भारत लौटेविदेश मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी (गल्फ) असीम महाजन ने बताया कि 28 फरवरी के बाद से करीब 2.8 लाख लोग वेस्ट एशिया से भारत लौट चुके हैं।उन्होंने कहा कि कुछ देशों में ऑपरेशनल दिक्कतों के बावजूद फ्लाइट ऑपरेशन धीरे-धीरे बेहतर हो रहे हैं।महाजन के मुताबिक, 18 मार्च को भारत और UAE के बीच करीब 75 उड़ानें संचालित हुईं, जबकि अगले दिन यह संख्या बढ़कर करीब 90 उड़ानों तक पहुंचने की उम्मीद है।सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव सी. सेंथिल राजन ने LNG सेवाओं से जुड़े सोशल मीडिया फ्रॉड को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी।उन्होंने कहा- LNG उपभोक्ता सोशल मीडिया पर फैल रहे फर्जी संदेशों से सावधान रहें। ऐसे मैसेज पर भरोसा न करें और जरूरत पड़ने पर पुलिस में शिकायत करें।मिडिल-ईस्ट तनाव के कारण देश में LPG संकटअमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत हो गई है। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें हैं। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी भी हो रही है।इसी बीच खबरें आई थीं कि अगर ग्राहकों ने e-KYC नहीं कराया, तो उनका गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा। e-kyc से जुड़ी आई इन खबरों के बाद अफरा-तफरी जैसी स्थिति पैदा हो गई थी।हालांकि पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्टिकरण दिया था कि यह कोई नया नियम नहीं है। eKYC की जरूरत सिर्फ उन्हीं ग्राहकों को है, जिनका वेरिफिकेशन अब तक नहीं हुआ है।मंत्रालय ने कहा था कि इसका मकसद सिर्फ इतना है कि ज्यादा से ज्यादा गैस ग्राहक अपना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवा लें, ताकि सिस्टम में फर्जीवाड़ा न हो।LPG सिलेंडर बुकिंग के नियम तीन बार बदले6 मार्च: घरेलू LPG बुकिंग के लिए लॉक-इन पीरियड 21 दिन किया गया।9 मार्च: डिमांड बढ़ने से शहरों में लॉक-इन पीरियड बढ़ाकर 25 दिन किया।12 मार्च: ग्रामीण क्षेत्रों में सिलेंडर बुक करने का गैप 45 दिन किया गया।सप्लाई संकट की वजह होर्मुज स्ट्रेट का लगभग बंद होनाअमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान पर संयुक्त हमला किया, जिसमें कई सैन्य और परमाणु ठिकाने निशाना बने। इस ऑपरेशन में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई समेत कई अधिकारी मारे गए। अमेरिका ने इसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया।इस युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव और आपूर्ति बाधित हुई। यहां से भारत का 80-85% LPG आयात होता है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है और 60% से ज्यादा LPG बाहर से आती है।इसी के कारण भारत में LPG किल्लत जैसे हालत बने लेकिन भारत सरकार ने लगातार लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की। सरकार ने कहा कि देश में LPG और तेल की कोई कमी नहीं है।स्ट्रेट ऑफ होर्मुज करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहे।दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं।-----------------------------------------ये खबर भी पढ़ें…मार्च के पहले हफ्ते में LPG की खपत 17% घटी, पेट्रोल 13%-डीजल 8% ज्यादा बिकादेश भर में मार्च के पहले हफ्ते में लिक्विफाइट पेट्रोलियम गैस(LPG) की खपत 17% घटी है। ये असर वेस्ट एशिया में बने जंग के हालातों की वजह से हुआ है। 90% मार्केट शेयर वाली 3 सरकारी कंपनियों के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में LPG की खपत कम हुई है। पूरी खबर पढ़ें….
Source: Dainik Bhaskar March 19, 2026 12:54 UTC