फ्रेशनेस है सबसे पहला लाभ -घर का बना खाना ताजा होता है। आमतौर पर भारतीयो घरों में तीनों समय के लिए अलग-अलग समय पर खाना बनता है और रखे हुए खाने को खाने का चलन हमारे कल्चर में नहीं है। इसलिए हम सभी उतना ही खाना बनाने का प्रयास करते हैं, जितना एक समय में खाया जा सके। -ताजा बना हुआ खाना खाने से हमारे शरीर को बासी खाने की तुलना में या पैक्ड फूड की तुलना में कहीं अधिक पोषण तत्व होते हैं। आपको बता दें कि बने हुए भोजन को फिर से गर्म करके खाने पर बहुत बड़ी संख्या में उसके पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं।रासायनिक तत्वों से मुक्त -बाहर के भोजन में प्रिजर्वेटिव्स का उपयोग किया जाता है, जो फूड ग्रेड रसायन होते हैं। लेकिन ये सेहते के लिए पौष्टिक नहीं होते हैं। लेकिन घर से बने खाने में हम किसी भी तरह के प्रिजर्वेटिव्स का उपयोग नहीं करते हैं। इसलिए यह खाना अधिक पौष्टिक होता है और इसमें गैरजरूरी रासायनिक तत्वों की अधिकता नहीं होती है।शुद्धता की गारंटी -घर में बनाए गए खाने को तैयार करते समय हम सभी हाइजीन का पूरा ध्यान रखते हैं। इसे तैयार करने के लिए हम जिन ऑइल, घी और मसालों का उपयोग करते हैं। इससे यह खाना पूरी तरह शुद्ध होता है। -जबकि रेस्त्रां, होटल या स्ट्रीट फूड आदि सभी बिजनस फूड में आते हैं और बिजनस फूड बनाते समय हमेशा मुनाफे की बात पहले सोची जाती है। इसलिए आप इस फूड पर शुद्धता के मामले में इतना भरोसा नहीं कर सकते हैं, जितना अपने घर के बने खाने पर।बीमार होने के बचाए -फूड पॉयजनिंग जैसी समस्या आमतौर पर बाहर का खाना खाने से होती है। क्योंकि घर में बने खाने का समय हमें पता होता है और अधिक पुराना होने पर हम इस खाने को नहीं खाते हैं। जबकि बाहर बना खाना मसाले और ग्रेवी के तड़के के साथ स्वादिष्ट बनाकर इसके पुराने और बासी टेस्ट को छिपाने का प्रयास करते हैं।
Source: Navbharat Times September 12, 2020 13:32 UTC