इसके कारण व्यक्ति को घरघराहट, खांसी और सांस लेने में कठिनाई का अनुभव हो सकता है. इससे पैरों, टखनों, पेट और जांघों में तरल पदार्थ जमा हो जाता है, जिससे सूजन हो जाती है. सांस की तकलीफ तब और अधिक स्पष्ट हो सकती है जब गुरुत्वाकर्षण के कारण फेफड़ों के नीचे से धड़ तक फ्लूड लिक्विड होता है. यह शरीर की एनर्जी जरूरतों को पूरा करने के लिए ऑक्सीजन युक्त रक्त को कुशलतापूर्वक पंप करने में हृदय की अक्षमता के कारण है. कैसे पहचानें डैमेज हो रही हैं किडनियां, शरीर में ये 8 बदलाव किडनी की बीमारियों का देते हैं संकेतकई कारकों के परिणामस्वरूप हृदय की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और बाद में हृदय गति रुक जाती है.
Source: NDTV September 21, 2022 16:12 UTC