हिसार के चर्चित रेलूराम पूनिया हत्याकांड में जमानत पर रिहा चल रही बेटी सोनिया और दामाद संजीव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल, सोनिया और संजीव जमानत के विरोध में हरियाणा सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। सरकार ने हाईकोर्ट के दिए फैसले को रद्द करने की मा. संजीव और सोनिया को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने जमानत पर रिहा कर दिया था। इसके बाद रेलूराम पूनिया के भतीजों ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के एक फैसले के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिकाओं (SLP) पर सुनवाई करते हुए प्रतिवादी पक्ष को अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय प्रदान किया है।अगली सुनवाई 11 मई को होगीजस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने इस मामले की अगली सुनवाई 11 मई, 2026 से शुरू होने वाले सप्ताह के लिए निर्धारित की है। रेलूराम पूनिया के भतीजों की तरफ से हिसार के सीनियर एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल और उनकी बेटी आइना खोवाल ने पक्ष रखा।एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल और रेलूराम पूनिया के भतीजे।कोर्ट ने दो सप्ताह का समय दियादरअसल, आज सुनवाई के दौरान आरोपी संजीव के वकील आज कोर्ट में पेश हुए। वकील अक्षत श्रीवास्तव ने कोर्ट को सूचित किया कि उन्होंने हाल ही में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। कोर्ट ने उन्हें जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।वहीं, आरोपी सोनिया के वकील ने आज अपना हलफनामा कोर्ट में जमा करवाया है। अब याचिकाकर्ता को इसके एक सप्ताह के भीतर अपना प्रत्युत्तर दाखिल करने की अनुमति दी गई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में पहले से दिया गया अंतरिम आदेश अगली सुनवाई की तारीख तक जारी रहेगा।जमानत मिलने के बाद करनाल जेल से बाहर आती बेटी सोनिया। (फाइल फोटो)अब सिलसिलेवार पढ़िए क्या है पूरा मामला…
Source: Dainik Bhaskar April 07, 2026 14:04 UTC