Hartalika Teej 2020: व्रत रखने वाली महिलाएं जान लें नियम, पूजा की विधि, जरूरी सामग्री और व्रत कथा - News Summed Up

Hartalika Teej 2020: व्रत रखने वाली महिलाएं जान लें नियम, पूजा की विधि, जरूरी सामग्री और व्रत कथा


7 /7 व्रत कथाHartalika Teej Vrat Katha : पौराणिक मान्‍यताओं में बताया गया है कि सबसे पहले हरतालिका तीज व्रत माता पार्वती ने भगवान शिव जैसा वर पाने के लिए रखा था। कथा इस प्रकार है कि पिता के यज्ञ में अपने पति शिव का अपमान देवी सती सह न सकीं। उन्‍होंने खुद को यज्ञ की अग्नि में भस्‍म कर दिया। अगले जन्‍म में उन्‍होंने राजा हिमाचल के यहां जन्‍म लिया और पूर्व जन्‍म की स्‍मृति शेष रहने के कारण इस जन्‍म में भी उन्‍होंने भगवान शंकर को ही पति के रूप में प्राप्‍त करने के लिए तपस्‍या की। देवी पार्वती ने तो मन ही मन भगवान शिव को अपना पति मान लिया था और वह सदैव भगवान शिव की तपस्‍या में लीन रहतीं। पुत्री की यह हालत देखकर राजा हिमाचल को चिंता होने लगी। इस संबंध में उन्‍होंने नारदजी से चर्चा की तो उनके कहने पर उन्‍होंने अपनी पुत्री उमा का विवाह भगवान विष्‍णु से कराने का निश्‍चय किया। पार्वतीजी विष्‍णुजी से विवाह नहीं करना चाहती थीं। पार्वतीजी के मन की बात जानकर उनकी सखियां उन्‍हें लेकर घने जंगल में चली गईं। इस तरह सखियों द्वारा उनका हरण कर लेने की वजह से इस व्रत का नाम हरतालिका व्रत पड़ा। पार्वतीजी तब तक शिवजी की तपस्‍या करती रहीं जब तक उन्‍हें भगवान शिव पति के रूप में प्राप्‍त नहीं हुए।


Source: Navbharat Times August 20, 2020 09:33 UTC



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