हर साल सावन मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है। इस बार यह शुभ तिथि 11 अगस्त दिन बुधवार को है। सावन मास की इस तीज का सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस शुभ तिथि को ही भगवान शिव माता पार्वती की तपस्या से प्रसन्न हुए थे और उनको पत्नी रूप में स्वीकार करने का वरदान दिया था, जिससे दोबारा से शिव और शक्ति का मिलन हो सका। इसलिए सावन मास में पड़ने वाले हर त्योहार का विशेष महत्व होता है।नागलोक के 5 रास्ते, जिन पर जाना बेहद खतरनाकहरियाली तीज का महत्वहरियाली तीज का व्रत विवाहित महिलाओं के विए विशेष खास होता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं और कथा सुनती हैं। इस दिन अविवाहित युवतियां भी भगवान शिव जैसा पति प्राप्त करने के लिए व्रत करती हैं। भगवान शिव और माता पार्वती के पुर्नमिलाप के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले इस त्योहार के बारे में मान्यता है कि माता पार्वती ने शिवजी को प्राप्त करने के लिए 107 जन्म लिए थे। 108वें जन्म में शक्ति ने माता पार्वती के रूप में जन्म लिया और कठोर तप से भगवान शिव को प्रसन्न किया। इसलिए मान्यता है कि इस व्रत को करने से माता पार्वती प्रसन्न होकर पतियों को दीर्घायु और परिवार में सुख-शांति और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।विधि विधान से हरियाली तीज की पूजासुहागिन महिलाओं को यह व्रत रखकर विधि विधान से पूजा करनी होती है इसलिए यह जान लें कि इस व्रत में किन-किन सामानों की आपको जरूरत पड़ेगी यानी की पूजन सामग्री क्या होनी चाहिए, ताकि पहले से ही उनका प्रबंध कर लें। आइए जानते हैं हरियाली तीज की पूजा के लिए जरूरी आवश्यक सामग्री के बारे में।अच्छी और सुखद नींद के लिए इन मंत्रों को देखें आजमाकरहरियाली तीज पूजा सामग्री लिस्टहरियाली तीज की पूजा के लिए भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा बनाने के लिए मिट्टी रख लें। पूजा के लिए चौकी और उस पर बिछाने के लिए पीला या लाल कपड़ा रख लें। साथ ही कुछ केले के पत्ते भी चौकी से बांधने के लिए रख लें। इसके बाद आप कच्चा सूत, नया वस्त्र, बेलपत्र और धतूरा रख लें। साथ ही एक जोड़ी जनेऊ ले लें, जिसको भगवान शिव और गणेश जी को चढ़ाना होगा।माता पार्वती के लिए आप हरे रंग की साड़ी और पूरा सुहाग का सामान ले लें। सुहाग के सामान में सिंदूर, बिंदी, मेंहदी, बिछुआ, चूड़ियां, खोल, महौर, कुमकुम, कंघी, इत्र आदि चीजें होती हैं। इसके अलावा आप कलश, अक्षत, फूल, रोली, दूर्वा, तेल, घी, बाती, श्रीफल, अबीर, कपूर, चंदन, गंगाजल, चीनी, शहद, दही, दूध और पंचामृत से संबंधित चीजें हरियाली तीज की पूजा के लिए रख लें। एक बात का आप भी ध्यान रखें कि आप पूरा सोलह श्रृंगार करें अन्यथा इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाएगी।हरियाली तीज पूजा शुभ मुहूर्तहरियाली तीज प्रारंभ – 10 अगस्त को शाम 06 बजकर 03 मिनट सेहरियाली तीज समापन – 11 अगस्त को शाम 05 बजकर 01 मिनट परपूजा का पहला मुहूर्त – 11 अगस्त सुबह 04 बजकर 24 मिनट से 05 बजकर 17 मिनट तकपूजा का दूसरा मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 07 मिनट तक रहेगा।
Source: Navbharat Times August 10, 2021 07:37 UTC