15 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित हंगल घाटी में 76 फुट का तिरंगा लहराकर कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। देश में यह सबसे ऊंचाई पर स्थापित किया गया तिरंगा है। भारत का यह गौरव कई किलोमीटर दूर से ही जवानों का हौसला बढ़ाता रहेगा।जम्मू, जेएनएन : जम्मू, राज्य ब्यूरो : लद्दाख के लेह जिले के दूरदराज हनले घाटी में पंद्रह हजार फीट की उंचाई पर शान से फहरा रहा 76 फीट उंचा तिरंग झंडा दुश्मन को भारतीय सेना के बुलंद हौसले का संदेश दे रहा है। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत भारतीय सेना ने लेह के हानले इलाके में यह तिरंगा फ्लैग फाउंडेशन आफ इंडिया के सहयोग से फहराया है। रविवार को हानले में आयोजित कार्यक्रम में सेना के जवानों ने तिरंगे को सलामी दी। इस मौके पर जवानों के साथ कई अधिकारी भी मौजूद थे। पंद्रह हजार फीट पर लहराने वाला यह तिरंगा दुश्मन के इलाके से दिखाई देता है।#WATCH | A 76 ft tall National Flag at 15000 ft constructed by Indian Army and Flag Foundation of India, hoisted overlooking the Hanle Valley in Ladakh: Fire and Fury Corps, Indian Army(Video Source: Fire and Fury Corps Twitter account) pic.twitter.com/Wi9zfgs18m— ANI (@ANI) November 21, 2021इस समय प्रशासन की ओर से हनले में पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है। दूरदराज हनले घाटी इलाके में खगोलीय नजारे देखने के लिए विश्व की सबसे ऊंची टेलीस्कोप स्थापित है। अब क्षेत्र में फहराने वाला ऊंचा तिरंगा भी यहां पर आने वाले पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा। इस समय पूर्वी लद्दाख में चीन के सामने डटी भारतीय सेना ऊंचे तिरंगे फहराकर दुश्मन को किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हाेने का संकेत दे रही है।गलवन में खूनी संघर्ष से उपजे हालात में इस समय कड़ी ठंड में भारतीय सैनिकों का हौसला सातवें आसमान पर है। ऐसे माहौल में सेना ने गत दिनों पूर्वी लद्दाख के नए रेंजाग ला वार मेमोरियल पर भी 108 फीट ऊंचा तिरंगा लहराने का कीर्तिमान स्थापित किया था। अठारह नबंवर को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रेजांग ला आकर उन शहीदों को श्रद्धांजलि दी थी, जिन्होंने वर्ष 1962 की लड़ाई में क्षेत्र में हमला करने वाली चीन की सेना को कभी न भूलने वाला सबक दिया था।इस समय लद्दाख के लेह व कारगिल में चीन व पाकिस्तान से सटे इलाकों में सेना की ओर से आजादी का अमृत महोत्सव के कार्यक्रमों का आयोजन कर देशभक्ति को बल दिया जा रहा है। इन कार्यक्रमों में सेना, जिला प्रशासन के साथ स्कूली बच्चे, स्थानीय निवासी भी हिस्सा लेकर जोश दिखा रहा है। लद्दाख में अब तक युवाओं के लिए एक दर्जन से अधिक खेल कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा चुका है।
Source: Dainik Jagran November 21, 2021 21:47 UTC