गोरखपुर: गोरखपुर में इलेक्ट्रिक बसों का विभिन्न रूटों पर संचालन होता है। बसों के संचालन के लिए कंडक्टर और ड्राइवर्स की तैनाती की गई है। कंडक्टर को प्रति किलोमीटर 3.80 पैसे वेतन के रूप में दिए जाते हैँ। जबकि ड्राइवर्स को 12050 रुपए फिक्स सैलरी मिलती है। जबकि 25 बसों पर 50 कंडक्टर और 50 ड्राइवर्स की जरूरत होती है। लेकिन वर्तमान में 85 कंडक्टर और 55 ड्राइवर्स कार्यरत हैं।40 की अतिरिक्त तैनातीदेखा जाए तो 40 कंडक्टर और ड्राइवर्स अतिरिक्त हैं, जो काफी समय से नहीं आ रहे हैँ। बताया जा रहा है एक बाबू के सहयोग से गायब कंडक्टर का फाइलों में नाम चल रहा है। यही नहीं कई ऐसे हैं कि जुगाड़ से अपना वेतन भी उठा रहे हैं। मानक के मुताबिक एक ई बस पर औसतन दो ड्राइवर्स और दो कंडक्टर की जरूरत होती है। इनकी 8-8 घंटे की ड्यूटी होती है।प्राइवेट कंपनी के कर्मचारीगोरखपुर में 25 इलेक्ट्रिक बसें सेवाएं दे रही हैं। औसतन 9 हजार से 10 हजार गोरखपुराइट्स इन बसों में प्रतिदिन यात्रा करते हैं। इन बसों में 4.30 रुपए प्रति किलोमीटर पर सेवाएं देने वाले 85 कंडक्टर तैनात हैं। हर दिन औसतन 95 से 1.50 लाख रुपए भाड़ा के रूप में ये कंडक्टर वसूला करते हैं। बताया जा रहा है कि लखनऊ की वंशिका एचआर सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कंपीी के ओर से इलेक्ट्रिक बसों में उनकी सेवाएं दी जा रही है।टिकट चोरी में पकड़े गएइलेक्ट्रिक बसों के कंडक्टर्स की तरफ से टिकटों की चोरी की कई घटनाएं सामने आई हैं। गोरखपुर में जनवरी से लेकर अब तक 50 कंडक्टर पैसा लेकर टिकट न देना या कम टिकट देना के मामले में पकड़े गए। हर कंडक्टर पर पांच-पांच हजार रुपए अर्थदंड लगाया गया है। खासकर जब वे पैसेंजर्स से पैसे लेकर टिकट नहीं देते, जिससे राजस्व का नुकसान होता है और पैसेंजर्स से धोखाधड़ी होती है। यही नहीं कुछ कंडक्टर अपने स्मार्ट कार्ड से पैसेंजर्स को कम किराए पर टिकट देते और पैसेंजर्स से पूरा किराया वसूल लेते, वह प्रति टिकट पर मुनाफा कमाते हैं।माह चेकिंग में पकड़े गए कंडक्टरजनवरी 03फरवरी 04मार्च 05अप्रैल 04मई 03जून 06जुलाई 04अगस्त 05सितंबर 04अक्टूबर 03नवंबर 06दिसंबर 03कुल योग 50वर्तमान में सिटी के अंदर 25 इलेक्ट्रिक बसों की सेवाएं दी जा रही है। संचालन के लिए 85 कंडक्टर और 55 ड्राइवर्स हैं। इसमें से कुछ ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। ये क्यों नहीं आ रहे हैं। इसी जांच कराई जाएगी।लव कुमार सिंह, प्रबंधक, सिटी बस सेवा
Source: Dainik Jagran January 01, 2026 13:32 UTC