गोरखपुर: जांच के दौरान सड़क से लेकर झाड़ियों तक कई स्थानों पर खून के निशान मिले हैं। ये निशान एक जगह केंद्रित नहीं हैं, बल्कि अलग-अलग बिंदुओं पर हैं। इससे यह संकेत मिला कि शव को एक बार में नहीं, बल्कि दो या तीन चरणों में उठाकर फेंका गया। यदि हत्या यहीं हुई होती तो संघर्ष और खून के निशान एक सीमित दायरे में मिलते। स्थानीय लोगों का कहना है कि पीपीगंज–जसवल मार्ग रात में सुनसान नहीं रहता। दोपहिया वाहनों की आवाजाही भले कम हो जाती हो, लेकिन टोल से बचने के लिए भारी वाहनों और ट्रकों का आवागमन पूरी रात बना रहता है। ट्रक जसवल से होते हुए सिसई घाट और सहजनवा की ओर निकल जाते हैं।खंगाली जा रही हैं लोकेशनपुलिस का मानना है कि इसी वजह से अपराधियों ने इस मार्ग को चुना, जहां गतिविधि भी है और निगरानी भी कमजोर। युवती के शरीर पर कोई टैटू, स्थायी निशान या पहचान से जुड़ा कोई चिह्न नहीं मिला है। कपड़े पूरी तरह गायब हैं, जिससे पहचान से जुड़े सुराग भी खत्म हो गए हैं। पहचान के लिए शव का विवरण और फोटो आसपास के जिलों में भेजा गया है। छानबीन में जसवल, बैरघटा, तिघरा और राजबारी में सीसी कैमरे क्षेत्र के कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस को आशंका है कि शव किसी वाहन से लाया गया होगा। हालांकि अब तक किसी संदिग्ध वाहन या बाइक की पहचान नहीं हो सकी है। मोबाइल सर्विलांस के जरिए रात के समय सक्रिय लोकेशन खंगाली जा रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब तक मृतका की पहचान नहीं होती, तब तक हत्या के पीछे की वजह और अपराधियों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण रहेगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यौन अपराध और मृत्यु के समय को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।गांव के एक घर तक गया खोजी कुत्ता, फिर लौट आयागोरखपुर: झाड़ी में मिले युवती के शव के मामले की जांच के दौरान एक नया और अहम तथ्य सामने आया है। पुलिस दोपहर में खोजी कुत्ता (डाग स्क्वाड) के साथ घटनास्थल पर पहुंची। जिस जगह शव पड़ा था वहां पर कुत्ते को छोड़ा गया तो वह गांव की ओर बढ़ा और एक घर तक पहुंचने के बाद वापस लौट आया।कुत्ते के गांव तक जाने के बाद पुलिस ने उस क्षेत्र में पूछताछ बढ़ा दी है। संबंधित घर और उसके आसपास रहने वाले लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि डाग स्क्वाड की गतिविधि को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता, लेकिन इसे जांच के एक अहम इनपुट के रूप में लिया जा रहा है।पास रहने वालों को नहीं लगी भनकघटनास्थल से कुछ दूरी पर एक महिला झोपड़ी डालकर रहती है, लेकिन उसे रात में किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी नहीं हो सकी। वहीं पास में दुकान लगाने वाले व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि वह शाम करीब सात बजे दुकान बंद कर चला गया था। पुलिस का दावा है कि महिला की हत्या कहीं और की गई और पहचान छिपाने के लिए चेहरे को विकृत किया गया, इसके बाद शव को सुनसान स्थान चुनकर पुल के नीचे झाड़ियों में फेंका गया।
Source: Dainik Jagran January 31, 2026 13:40 UTC