जनवरी 2026 में गोल्ड‑सिल्वर ETFs में निवेशकों ने रिकॉर्ड का निवेश किया, जो पहली बार इक्विटी फंड्स में निवेश से भी अधिक है। पिछले साल की आर्थिक अनिश्चितता और बाजार में उतार-चढ़ाव के चलते निवेशक इन फंडों में दिन-प्रतिदिन, शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म निवेश कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ETFs में निवेश नए निवेशकों के लिए जोखिम कम करने और आसानी से निवेश करने का बेहतर तरीका है। इससे निवेशकों को सुरक्षा के साथ-साथ बेहतर रिटर्न का अवसर मिलता है।गोल्ड-सिल्वर ETF पर टैक्स निवेश की अवधि पर निर्भर करता है। एक साल से ज्यादा निवेश पर 12.5% लॉन्ग‑टर्म कैपिटल गेन (LTCG) और एक साल से कम निवेश पर 20% शॉर्ट‑टर्म कैपिटल गेन (STCG) लागू होती है। शॉर्ट-टर्म नुकसान को स्टॉक्स या अन्य ETF के लाभ से समायोजित किया जा सकता है, जबकि लॉन्ग‑टर्म कैपिटल गेन पर मिलने वाली ₹1.25 लाख की छूट केवल इक्विटी निवेशों पर लागू होती है। इंट्राडे ट्रेडिंग को स्पेकुलेटिव इनकम माना जाता है और टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स देना होता है।
Source: NDTV February 18, 2026 13:38 UTC