FD में निवेश से पहले इन 5 बातों पर दें ध्यान, होेगा ज्यादा फायदानई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। फिक्स डिपॉजिट या सावधि समा देश में वरिष्ठ नगारिकों से लेकर सभी के बीच काफी लोकप्रिय निवेश का तरीका है। जो लोग सेफ मोड में गारंटीड रिटर्न चाहते हैं उनके लिए एफडी से अच्छा विकल्प नहीं हो सकता है। अगर आप एफडी में निवेश शुरू करने के बारे में प्लानिंग कर रहे हैं तो इन बातों पर जरूर ध्यान देना चाहिए।एफडी प्रोवाइडर की विश्वसनीयता: एफडी प्रोवाइडर का चयन करते वक्त बैंक की विश्वसनीयता के बारे में जानना चाहिए। एक्सपर्ट के अनुसार, निवेश करने से पहले बैंक की क्रेडिट रेटिंग के बारे में जान लेना चाहिए। इसी के साथ एक बैंक की एफडी में निवेश की जगह अलग-अलग बैंकों में निवेश करना चाहिए।ब्याज की पेशकश: आपकी तरफ से चुने गए कार्यकाल के आधार पर बैंक अलग-अलग ब्याज दरों की पेशकश करते हैं जो अलग-अलग बैंकों में अलग-अलग होती है। इसी के साथ उम्र के हिसाब से भी ब्याज दर अलग-अलग होती है जैसे वरिष्ठ नागरिकों को अधिक ब्याज दर मिलती है। जबकि आम तौर पर ब्याज दर एक वर्ष में 5.75 फीसद से 7.50 फीसद तक होती है और वरिष्ठ नागरिकों के लिए लगभग 0.5 फीसद अधिक है। निवेश के पूरे कार्यकाल के लिए एफडी पर ब्याज दर समान रहती है।टॉप 5 बैंकों की तरफ से पेश एफडी पर ब्याज दरेंबैंक एफडी रेट कार्यकालएसबीआई 5.75 फीसद - 7.00 फीसद 7 दिन से 10 सालबजाज फिनसर्व 8.00 फीसद - 8.60 फीसद 12 माह से 60 माहएचडीएफसी बैंक 3.50 फीसद - 7.40 फीसद 7 दिन से 10 सालआईसीआईसीआई बैंक 4.00 फीसद - 7.50 फीसद 7 दिन से 10 सालएक्सिस बैंक 3.50 फीसद - 7.30 फीसद 7 दिन से 10 सालसंचयी और गैर संचयी एफडी: एक संचयी एफडी में नियमित अंतराल पर अर्जित ब्याज फिर से जुड़ जाता है। इस तरह आपको कंपाउंड लाभ मिलता है और ब्याज मैच्योरिटी के बाद मिलता है। एक गैर संचयी एफडी में ब्याज नियमित रूप से मासिक या वार्षिक रूप से अकाउंट में जमा होता रहता है।एफडी पर लोन: एफडी पर लोन की सुविधा एफडी पर मिलने वाले सबसे बड़े फायदों में से एक है। इमरजेंसी में एफडी पर 90 फीसद तक लोन लिया जा सकता है। एफडी पर लोने देने के लिए बैंक ब्याज दर वसूलते हैं जो कि अलग-अलग बैंकों में अलग-अलग होती है। जब आप एफडी में निवेश करने जा रहे हैं तो अलग-अलग बैंकों की तरफ से एफडी पर मिलने वाले लोन की ब्याज दरों की तुलना करनी चाहिए।समय से पहले निकासी: समय से पहले एफडी में से निकासी पर जुर्माना लगता है। आमतौर पर बैंक कार्यकाल खत्म होने से पहले अपनी एफडी निवेश को समाप्त करने पर ब्याज को 0.5 फीसद से 1 फीसद तक घटाकर जुर्माना लगा सकता है। कुछ बैंक निवेशकों को बिना चार्ज के एफडी में से समय से पहले निकासी की अनुमति देते हैं, क्योंकि ऐसे ग्राहकों की एक ही बैंक के साथ अन्य एफडी भी होती हैं। निवेश से पहले ऐसे बैंकों की तुलना करें जो एफडी में समय से पहले निकासी पर कम से कम चार्ज लगाते हैं।Posted By: Sajan Chauhan
Source: Dainik Jagran July 03, 2019 13:30 UTC