FAKE ALERT: पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में निपाह वायरस का कोई मामला नहीं - News Summed Up

FAKE ALERT: पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में निपाह वायरस का कोई मामला नहीं


दावावॉट्सऐप पर इन दिनों एक मेसेज खूब शेयर किया जा रहा है जिसके मुताबिक पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी जिले में निपाह वायरस का प्रकोप है और इससे प्रभावित हुए बहुत से लोग सिलीगुड़ी के जिला अस्पताल में भर्ती हुए हैं।अंग्रेजी में शेयर हो रहे इस मेसेज का अनुवाद कुछ इस तरह है:सिलीगुड़ी के जिला अस्पताल में बहुत से लोग अजीब बीमारी की वजह से भर्ती हुए हैं। सिलीगुड़ी के डॉक्टर कृष्णेंदु डे ने कहा है कि यह बीमारी लीची खाने से हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो एक हफ्ते के अंदर हजारों लोग मर जाएंगे। कृपया बच्चों को कहें कि वे लीची न खाएं। इन लीचियों को चमगादड़ों ने खाया हुआ है और लोग अजीब सी बीमारी से पीड़ित हो रहे हैं। यह लीवर पर असर डाल रहा है और डॉक्टर एस. सेन भी इससे प्रभावित हो गए हैं। उन्होंने बहुत से डॉक्टरों को दिखाया लेकिन बीमारी ठीक नहीं हो रही। डॉक्टर डे ने कहा कि वह लीवर इन्फेक्शन की वजह से जल्द ही मर जाएंगे।अगर आप अपने इलाके में लोगों को बचाना चाहते हैं तो कृपया इस मेसेज को फॉरवर्ड करें।टाइम्स फैक्ट चेक के एक पाठक ने हमें यह मेसेज वॉट्सऐप पर भेजकर इसकी सत्यता जाननी चाही।सच क्या है? सिलीगुड़ी में निपाह वायरस के प्रकोप का दावा गलत है।कैसे की पड़ताल? टाइम्स फैक्ट चेक ने सिलीगुड़ी जिला अस्पताल के असिस्टेंट सुप्रीनटेंडेंट कौशिक सिंघा से इस दावे की सच्चाई के बारे में पूछा।टाइम्स फैक्ट चेक से बात करते हुए सिंघा ने बताया, ‘हाल के समय में सिलीगुड़ी में निपाह वायरस का प्रकोप नहीं पाया गया है। हमें फर्जी दावे के साथ शेयर किए जा रहे इस मेसेज के बारे में पता है। यह सच नहीं है। निपाह के लक्षणों के साथ कोई भी मरीज सिलीगुड़ी जिला अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया है।’हालांकि, भारत में पहला निपाह वायरस का मामला सिलीगुड़ी के अंदर जनवरी और फरवरी 2001 में पाया गया था। इसको लेकर छपा शोधपत्र अब आम जनता के लिए उपलब्ध है। इसके मुताबिक भारत में मिले वायरस के लक्षण बांग्लादेश में फैले निपाह से मिलते हैं।इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ज़ूनॉटिक बीमारी के कहन ने साल 2001 में सिलीगुड़ी के अंदर 10 दिनों में 45 लोगों की जान ली थी। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2001 में यह वायरल इन्फेक्शन सिलीगुड़ी के एक प्राइवेट नर्सिंग होम से शुरू हुआ था।निष्कर्षटाइम्स फैक्ट चेक ने पाया है कि पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में निपाह वायरस के प्रकोप का दावा गलत है।


Source: Navbharat Times June 12, 2019 15:22 UTC



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