Etah : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश के आदेशानुसार 10 अप्रैल को कामायनी दुबे, सिविल जज (सी0डि0)/प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला कारागार एटा का औचक निरीक्षण किया गया।सचिव द्वारा महिला बैरक एवं कारागार चिकित्सालय में जाकर निरुद्ध बंदियों की समस्याओं को सुना गया और उनसे पूछा गया कि अपने वाद की पैरवी हेतु उनके पास अपना अधिवक्ता है अथवा नहीं। यदि नहीं है, तो वाद की पैरवी हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एटा द्वारा निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाएगा।जेल अधीक्षक, जिला कारागार अंकेक्षिता श्रीवास्तव को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक बंदी से जानकारी प्राप्त करें कि उसका अपना अधिवक्ता है या नहीं। यदि नहीं है, तो अधिवक्ता प्राप्त करने हेतु बंदी का प्रार्थना पत्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजा जाए। इसके साथ ही जिला कारागार के अंदर साफ-सफाई की पूरी व्यवस्था बनाए रखें और यदि कोई भी बंदी अस्वस्थ नजर आए तो उसे तुरंत कारागार चिकित्सक को दिखाया जाए।प्रभारी सचिव द्वारा जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों को निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने तथा न्यायालय द्वारा जमानत के बाद जमानती के अभाव में कारागार में निरुद्ध बंदियों के संबंध में जेल अधीक्षक एटा के साथ विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम को निर्देशित किया गया कि जिन बंदियों को निःशुल्क अधिवक्ता की आवश्यकता है, उनकी पैरवी सुनिश्चित करें और उन्हें आवश्यक सहयोग प्रदान करें।इस अवसर पर शशिकाल वर्मा (डिप्टी जेलर), डॉ. उत्सव जैन (जिला कारागार चिकित्साधिकारी) सहित अन्य कारागार अधिकारी, लीगल एड डिफेंस काउंसिल शिवम मिश्रा एवं समस्त कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
Source: Dainik Bhaskar April 11, 2026 02:08 UTC