Enemy property: शत्रु संपत्तियों की बिक्री से केंद्र सरकार को मिलेगा 1 लाख करोड़ रुपये - centre will get 1 lac crore by sale of enemy property - News Summed Up

Enemy property: शत्रु संपत्तियों की बिक्री से केंद्र सरकार को मिलेगा 1 लाख करोड़ रुपये - centre will get 1 lac crore by sale of enemy property


हाइलाइट्स शत्रु संपत्तियों की बिक्री से केंद्र सरकार को मिल सकती है 1 लाख करोड़ की रकमकेंद्र सरकार के पास एक लाख करोड़ रुपये से अधिक कीमत की 9,406 शत्रु संपत्तियांमंत्रिमंडल ने नवंबर 2018 में दीपम को शत्रु संपत्ति और शत्रु हिस्सेदारी बेचने को दी थी मंजूरीपाकिस्तानी 9,280 संपत्तियां तथा 126 संपत्तियां चीनी नागरिक छोड़कर गएकेंद्र सरकार ने शत्रु संपत्ति यों की बिक्री के लिए एक समिति तथा मंत्रियों के एक समूह के गठन का ऐलान किया है। इन संपत्तियों को 1962 में चीन के साथ तथा 1965 एवं 1971 में पाकिस्तान के साथ युद्ध के बाद जब्त किया गया था। केंद्र सरकार के पास एक लाख करोड़ रुपये से अधिक कीमत की 9,406 'शत्रु संपत्तियां', सैकड़ों करोड़ रुपये के शत्रु शेयर तथा 38 लाख रुपये कीमत की सोने और चांदी की जूलरी है।मंत्रिमंडल ने नवंबर 2018 में दीपम को शत्रु संपत्ति और शत्रु हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी दे दी थी। शत्रु संपत्ति से आशय ऐसी संपत्ति से जिन्हें लोग छोड़कर पाकिस्तान या चीन चले गए और वे भारत के नागरिक नहीं रह गए हैं। मार्च 2019 में मंत्रिमंडल ने ‘कस्टोडियन ऑफ एनिमी प्रॉपर्टी फॉर इंडिया (सीईपीआई)’ के तहत आने वाली शत्रु संपत्ति को बेचने की प्रक्रिया को मंजूरी दे दी।पाकिस्तानी 9,280 संपत्तियां तथा 126 संपत्तियां चीनी नागरिक छोड़कर गए हैं। हिंदुस्तान छोड़कर पाकिस्तान की नागरिकता लेने वाले लोगों द्वारा छोड़ी गई संपत्तियों में कुल 4,991 संपत्तियां उत्तर प्रदेश में, 2,735 पश्चिम बंगाल में तथा 487 दिल्ली में हैं। चीनी नागरिक सर्वाधिक 57 संपत्तियां मेघालय में छोड़कर गए हैं, वहीं पश्चिम बंगाल में ऐसी 29 संपत्तियां तथा असम में सात संपत्तियां हैं।केंद्र सरकार इन संपत्तियों को बेचने का प्रयास कर रही है। पिछले साल इसने 6.5 करोड़ से अधिक शेयरों की बिक्री के लिए एक कमेटी की नियुक्ति की थी। ये शेयर कस्टोडियन ऑफ एनेमी प्रॉपर्टी ऑफ इंडिया के पास थे और इन्हें बेचकर 1,874 करोड़ रुपये की रकम जुटाई गई, जिसमें आईटी कंपनी विप्रो में 1,150 करोड़ रुपये के 4.44 करोड़ शेयर बेचे गए थे। ऐसे वक्त में जब अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती की वजह से केंद्र सरकार के राजस्व पर प्रतिकूल असर पड़ा है और ऐसे में संपत्तियों की बिक्री अल्पकाल में पैसे जुटाने का सबसे बढ़िया जरिया है।


Source: Navbharat Times January 24, 2020 18:00 UTC



Loading...
Loading...
  

Loading...

                           
/* -------------------------- overlay advertisemnt -------------------------- */