वाराणसी, जेएनएन। वाराणसी से पहले निर्दलीय और बाद में सपा से नामांकन फार्म दाखिल करने वाले बर्खास्त फौजी तेज बहादुर यादव को जिला निर्वाचन अधिकारी ने नोटिस जारी किया है। नोटिस के जरिए पूछा है कि आप सेना से बर्खास्त क्यों हुए हैं, वजह स्पष्ट नहीं है, और न ही आपने नामांकन फार्म में दर्शाया है। एक मई तक स्थिति स्पष्ट कर जिला निर्वाचन कार्यालय को अवगत कराएं।बीएसएफ से बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव ने पहले निर्दलीय फिर सपा के चुनाव चिन्ह पर नामांकन किया है। इसमें एक में बताया था कि उन्हें भ्रष्टाचार के कारण सेना से बर्खास्त किया गया था लेकिन दूसरे नामांकन में उन्होंने इसकी जानकारी नहीं दी थी। मंगलवार को पर्चों की जांच के बाद जिला निर्वाचन कार्यालय ने तेज बहादुर को नोटिस जारी करते हुए 1 मई तक जवाब देने का समय दिया है। चुनाव आयोग का कहना है कि अगर तेज बहादुर यादव प्रमाण नहीं देते हैं तो उनका नामांकन खारिज कर दिया जाएगा।मंगलवार देर शाम नामांकन जांच के दौरान निर्वाचन आयोग से एनओसी लेने का निर्देश दिया गया है। सेना में रहते हुए खराब भोजन का वीडियो वायरल करने के बाद अब बर्खास्तगी क्लाज पर नामांकन को अंतिम रूप देने पर मसला फंसा है। इस बाबत सपा महानगर अध्यक्ष आर के जायसवाल ने बताया कि जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से बुधवार सुबह 10 बजे तक का समय दिया गया है।वहीं वाराणसी संसदीय सीट से नामांकन करने वाले 102 प्रत्याशियों में से 74 प्रत्याशियों का नामांकन फार्म पूरा नहीं होने व अन्य त्रुटियों के चलते जिला निर्वाचन अधिकारी ने खारिज कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत 28 प्रत्याशियों का नामांकन पत्र वैध पाया गया। अंतिम फैसला दो मई को होगा, क्योंकि नाम वापसी की वही अंतिम तिथि है। इसके बाद ही तय होगा चुनाव मैदान में पीएम मोदी के सामने कितने उम्मीदवार होंगे।देर रात तक होती रही जांचमंगलवार देर रात तक नामांकन फार्मो की जांच होती रही और जिला मुख्यालय पर पर्चा खारिज से क्षुब्ध लोग हंगामा कर रहे थे। स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद अपने शिष्य श्री भगवान का पर्चा खारिज होने पर जिला मुख्यालय पर धरने पर बैठ गए। जिन लोगों का नामांकन फार्म खारिज हो चुका था उन्हें पुलिस ने बाहर जाने को कहा तो वे फिर हंगामा करने लगे।वहीं नामांकन को लेकर पेंच फंसने पर सपा ने जिला निर्वाचन अधिकारी को आपत्ति और एनओसी का आवेदन सौंप दिया है। इसके साथ ही निर्वाचन आयोग को भी मेल से एनओसी के सन्दर्भ में सभी दस्तावेज भेज दिए गए हैं। समाजवादी पार्टी प्रदेश प्रवक्ता मनोज राय धूपचंडी ने विरोध जताते हुए इसे सत्ता पक्ष के इशारे पर पर्चा खारिज करने की साजिश बताया।गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी ने वाराणसी लोकसभा सीट से प्रत्याशी बदलते हुए तेजबहादुर यादव को टिकट दिया है। इससे पहले सपा-बसपा और आरएलडी की ओर से शालिनी यादव को टिकट दिया गया था। बता दें कि शालिनी यादव कांग्रेस के पूर्व सांसद और राज्यसभा के पूर्व उपसभापति श्यामलाल यादव की पुत्रवधू हैं। वहीं तेज बहादुर यादव ने बीएसएफ में रहते हुए खराब खाने की शिकायत की थी, जिसके बाद उन पर कार्रवाई की गई और उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। वाराणसी में अंतिम चरण में 19 मई को चुनाव होने हैं।बता दें कि बीते साल भाजपा प्रत्याशी के रूप में विजयी रहे नरेंद्र मोदी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अरविंद केजरीवाल को वाराणसी सीट से कुल 3,71,784 वोटों के भारी अंतर से हराया था। नरेंद्र मोदी को कुल 5,81,022 वोट मिले थें। वहीं, दूसरे स्थान पर रहे अरविंद केजरीवाल को 2,09,238 मत मिले। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय 75,614 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे। वहीं चौथे स्थान पर बहुजन समाज पार्टी और पांचवें स्थान पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार थे।Posted By: Sanjeev Tiwari
Source: Dainik Jagran April 30, 2019 12:29 UTC