नई दिल्ली, जेएनएन। Free rides in Delhi Metro and DTC buses: दिल्ली सरकार द्वारा मेट्रो व बसों में महिलाओं को मुफ्त सफर कराने की योजना का लाभ एनसीआर क्षेत्र की महिलाओं को मिलने की संभावना बढ़ गई है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने सरकार से कहा है कि ऐसी व्यवस्था कर पाना कठिन है कि दिल्ली की महिलाओं का टिकट न लगे और एनसीआर की महिलाओं का लगे। वहीं परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत का कहना है कि एनसीआर क्षेत्र और दिल्ली की आबादी घुली-मिली है।उन्होंने कहा कि हम इस पर विचार कर रहे हैं इस योजना का लाभ एनसीआर क्षेत्र की महिलाओं को भी मिले। उन्होंने कहा कि डीएमआरसी ने जो जानकारी दी है उसके अनुसार मेट्रो में सफर करने वाली कुल महिलाओं में से एनसीआर क्षेत्र की महिलाओं का आंकड़ा केवल 4 फीसद है। ऐसे में हम यही प्रयास कर रहे हैं कि एनसीआर क्षेत्र की महिलाओं को भी इसमें शामिल किया जाए। वहीं आम आदमी पार्टी ने इस योजना के लिए लोगों की ली जा रही राय की समय सीमा 15 जून से बढ़ा कर 30 जून कर दी है।योजना को लेकर दिल्ली सरकार विचार कर रही है कि महिलाओं को जो टिकट दिया जाए उस पर यह लिखा हो कि उन्हें मुफ्त सफर कराने में दिल्ली सरकार ने कितने रुपये की सब्सिडी दी। टिकट में जनता पर पड़ने वाला खर्च अंत में शून्य दिखाया जाए। आप के दिल्ली संयोजक व कैबिनेट मंत्री गोपाल राय कहते हैं कि सर्वे में योजना को बहुत समर्थन मिल रहा है।बसों और मेट्रो में एक साथ लागू होगी योजनादिल्ली सरकार की मंशा इस योजना को बसों और मेट्रो में एक साथ लागू करने की है। डीटीसी व क्लस्टर स्कीम की बसों में इसे लागू करने में सरकार के सामने कोई अड़चन नहीं है, मगर मेट्रो में सुरक्षा की दृष्टि से इसे लागू कर पाना थोड़ा टेढ़ा काम है। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने शुक्रवार को मेट्रो के अधिकारियों को बुलाकर इस योजना को लेकर चर्चा की।दिल्ली सरकार करेगी भुगतानदिल्ली सरकार में परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने मेट्रो के अधिकारियों से कहा है कि यह योजना हर हाल में हमें लागू करनी है। मेट्रो में महिलाओं की मुफ्त यात्रा पर आने वाले खर्च को दिल्ली सरकार उठाएगी। इसके लिए वह डीएमआरसी को भुगतान करेगी। बसों व मेट्रो में कुल यात्रियों में 33 फीसद महिलाएं होती हैं। इस हिसाब से जो अनुमान लगाया गया है उसके अनुसार, प्रति वर्ष करीब 200 करोड़ रुपये का खर्च बसों को लेकर सरकार पर आएगा।मेट्रो में महिलाओं की मुफ्त यात्रा पर करीब एक हजार करोड़ का खर्च प्रति वर्ष आएगा। हालांकि, यह मात्रा एक अनुमान है। मेट्रो के अधिकारियों का कहना है कि बसों की अपेक्षा मेट्रो में महिलाएं अधिक यात्रा करती हैं। यदि योजना लागू होती है तो यह दिल्ली की अपनी तरह की अलग योजना होगी।यहां पर बता दें कि दिल्ली की सातों सीटों (नई दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली, उत्तर पूर्वी दिल्ली, उत्तर पश्चिमी दिल्ली और चांदनी चौक) पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों के न केवल हार मिली, बल्कि पार्टी का वोट शेयर भी गिरा है। वहीं, दिल्ली विधानसभा चुनाव होने में एक साल से भी कम का वक्त बचा है, ऐसे में केजरीवाल सरकार दिल्ली की सत्ता में वापसी के प्रयास में अभी से जुट गई है।दिल्ली-NCR की ताजा खबरों को पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिकलोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एपPosted By: JP Yadav
Source: Dainik Jagran June 11, 2019 03:00 UTC