खास बातें जयेष्ठ माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी को होती है मां धूमावती की पूजा सुहागिनें दूर से ही करती हैं मां धूमावती के दर्शन भूख के कारण मां धूमावती निगल गई थीं भगवान शिव कोसोमवार यानी 10 जून को मां पार्वती के अति उग्र रूप मां धूमावती की जयंती मनाई जा रही है. जिस पर भगवान शिव ने मां पार्वती को कहा कि तुम्हारे इस रूप को मां धूमावती के नाम से जाना जाएगा. अपने पति को निगलने की वजह से मां पार्वती के इस रूप को पूजा जाता है. हालांकि ये भी परंपरा है कि इस दिन सुहागिनें दूर से ही मां धूमावती क दर्शन करती हैं. नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर के पास 9 किलो सोना और 1.29 अरब कैशऐसे करें मां धूमावती की पूजामां धूमावती की गुप्त नवरात्रों में विशेषकर पूजा की जाती है.
Source: NDTV June 10, 2019 07:30 UTC