31 अक्टूबर 1984 : तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या उनके दो सिख बॉडी गार्ड्स ने की1-2 नंवबर 1984 : भीड़ ने दिल्ली कैंट के राज नगर एरिया में 5 सिखों की हत्या कर दीमई 2000 : दंगों से जुड़े केस की जांच के लिए जी. नानावती कमिशन बनाई गईदिसंबर 2000 : सेशन कोर्ट ने दंगों से जुड़े एक केस में सज्जन कुमार को बरी कर दिया24 अक्टूबर 2005 : सीबीआई ने नानावती कमिशन की सिफारिश पर केस दर्ज किया1 फरवरी 2010 : ट्रायल कोर्ट ने सज्जन कुमार, बलवान खोकर, महेंद्र यादव, कैप्टन भागमल, गिरधारी लाल, किशन खोकर, महा सिंह और संतोष रानी को आरोपी के तौर पर समन जारी किया24 मई 2010 : ट्रायल कोर्ट ने 6 लोगों पर मर्डर, डकैती, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, अलग-अलग समुदायों में द्वेष फैलाने और षडयंत्र रचने के आरोप तय किए30 अप्रैल 2013 : कोर्ट ने सज्जन कुमार को बरी कर दिया। बलवान खोकर, गिरधारी लाल, भागमल को हत्या का दोषी ठहराया। महेंद्र यादव और किशन खोकर को दंगे का दोषी ठहराया9 मई 2013 : कोर्ट ने बलवान खोकर, भागमल और गिरधारी लाल को उम्रकैद की सजा सुनाई। महेंद्र यादव और किशन खोकर को 3 साल की सजा दी गई19 जुलाई 2013 : सीबीआई ने हाई कोर्ट में सज्जन कुमार को बरी किए जाने के खिलाफ अपील की22 जुलाई 2013 : हाई कोर्ट ने सज्जन कुमार को सीबीआई की याचिका पर नोटिस जारी किया29 अक्टूबर 2018 : हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा17 दिसंबर 2018 : हाई कोर्ट ने सज्जन कुमार को दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई। बलवान खोकर, भागमल और गिरधारी लाल की उम्रकैद की सजा बरकरार रही। महेंद्र यादव और किशन खोकर की सजा बढ़ाकर 10 साल अदालत ने की।
Source: Navbharat Times December 18, 2018 02:26 UTC