Dehradun News: डिजिलट दौर में पुराने ढर्रे पर घिसट रहा नगर निगम - News Summed Up

Dehradun News: डिजिलट दौर में पुराने ढर्रे पर घिसट रहा नगर निगम


देहरादून, ब्यूरो: डिजिटल के इस दौर में भी नगर निगम पुरानी कागजी उलझनों में उलझा पड़ा है। ऐसा नहीं, दावे यहां बहुत किए गए। नगर निगम की विकास योजनाओं से लेकर छोटी-छोटी टैक्स ऑनलाइन हो गई है, लेकिन हकीकत यह है कि निगम अभी भी पुराने प्रचलित ढर्रे से बाहर नहीं निकल पाया है। आलम यह है कि निगम का ऑनलाइन सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त है। ऑनलाइन सर्वर बहुत धीमा है। सॉफ्टवेयर भी अपडेटेड नहीं है। जिससे अभी भी निगम ज्यादातर काम मैन्युअली से चला रहा है, जिससे समय पर न तो टैक्स आदि जमा नहीं हो पा रहा है और निगम टारगेट से भी पिछड़ रहा है। लोगों को भी निगम के अनावश्यक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जरूरत इस बात है कि निगम को सबसे पहले सर्वर की स्पीड बढानी चाहिए। सॉफ्टवेयर अपडेट करने चाहिए। आधुनिक मशीनें लगानी चाहिए। कर्मचारियों को साफ्टवेयर संबंधी ट्रेनिंग दी जानी चाहिए। जिससे पब्लिक को सहूलियत मिले सके, जिससे लोग टैक्स आदि समय पर आसानी से जमा कर सके।सारे दावे फेलआज के ऑनलाइन दौर में किसी भी कोने में बैठकर आसानी से कोई भी सेवा ली जा सकती है। ऐसे समय में दून नगर निगम ऑनलाइन सर्विस देने में फिसड्डी साबित हो रहा हैं। जहां एक ओर नगर निगम का दावा है कि वाट्स-एप के जरिए पब्लिक को बिल भेजे जा रहे है। जिससे वे घर बैठे ही टैक्स जमा कर सकते हैं, लेकिन कितने लोगों तक ये मैसेज पहुंच पा रहा है, इसका जानकारी निगम के पास नहीं है। ऑनलाइन टैक्स जमा करने की प्रक्रिया को सुचारु करने को लेकर कई बार टैक्स पेयर नगर निगम में शिकायत भी कर चुके है। इसके बाद भी अब तक कोई बेहतर साल्यूशन नहीं निकल पाया है, जिससे लोग निगम के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।बार-बार हैंग होती है बेवसाइटनगर निगम के अधिकारियों की मानें तो हाउस टैक्स ऑनलाइन हो चुकी है। घर बैठे हाउस टैक्स ऑनलाइन जमा करने की सुविधा है, लेकिन लोगों का कहना है कि वेबसाइट की दिक्कत के चलते ऑनलाइन टैक्स जमा नहीं हो पा रहा है। वेबसाइट के बार-बार हैंग होने के कारण टैक्स ऑनलाइन जमा नहीं कर पा रहा है्। लेकिन, टैक्स जमा न हो पाने के कारण लोगों को नगर निगम में पहुंचकर टैक्स जमा करवाना पड़ रहा है।20 परसेँट भी ऑनलाइन नहींनगर निगम के रिकार्ड की मानें तो अब तक 42 करोड़ से ज्यादा का हाउस टैक्स जमा हो चुका है, जबकि टारगेट 75 करोड़ है। जमा किए गए हाउस टैक्स में केवल 2 करोड़ रुपये ही ऑनलाइन जमा हो पाए हैं। बताया जा रहा है कि निगम बार-बार वाट्सएप के जरिए लोगों को टैक्स जमा करने का नोटिस भेज रहा है। इसके अलावा करीब 1 करोड़ का टैक्स दूसरे शहरों में रह रहे लोगों के जरिए होता है। इसमें भी कई बार साइट न चलने से परेशान होकर ऑफ लाइन ही टैक्स जमा करने को मजबूर हैं। कुछ लोग निगम की ओर से लगाए जाने वाले कैंप में हाउस टैक्स जमा करते करते हैँ। यहीं कारण है कि टारगेट पूरा करने के लक्ष्य को पार करने में नगर निगम फिसड्डी साबित हो जाता हैं।अपडेट नहीं सॉफ्टवेयरनगर निगम का साफ्टवेयर अपडेट नहीं है। पुराना वर्जन ही वर्षों से चल रहा है, जिससे वेबसाइट बहुत स्लो चलती है। इसका खामियाजा पब्लिक को भुगतना पड़ता है। जिस तरह से निगम दावे कर रहा है। उसके अनुरूप निगम के पास स्कील्ड स्टाफ भी नहीं है। काम चलाऊ व्यव्था से निगम चलाया जा रहा है। इसका असर जहां निगम के कार्यों पर पड़ रहा है वहीं टैक्सपेयर्स को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।ऑनलाइन सेवाओं में हो ये सुधार- वेबसाइट को किया जाना चाहिए अपडेट- ऑनलाइन सेवाओं की दी जाए जानकारी- स्किल्ड कर्मचारियों को किया जाए भर्ती- टेक्नीकल कर्मचारियों को दी जाए ट्रैनिंग- आधुनिक सॉफ्टवेयर के साथ की जाए मॉनिटर- गैर जरूरी कर्मचारियों को किया जाए बाहर- पारदर्शिता को हर सुविधा की जाए ऑनलाइनदावे नहीं उतरते जमीं परनगर निगम दावे तो बहुत करता है, लेकिन दावे धरातल पर नहीं उतरते। सफाई से लेकर टैक्स तक सारी सुविधाओं का प्रचार किया जा रहा है, लेकिन इकीकत यह है कि हाउस टैक्स तक ऑनलाइन जमा नहीं हो पा रहा है।मोहित ग्रोवरविकास योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपए बहाया जा रहा है, लेकिन पार्कों की हालत बेहद खराब है। पार्कों के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। निगम की वेबसाइट को खोलने में ही घंटों लग जाते हैं।विनोद बिष्टनगर निगम में काम कम और घपले ज्यादा होते हैं। पारदर्शी व्यवस्था के दों के हाल ये हैं कि बगैर काम के रखे गए 56 कर्मचारियों को हटाना पड़ा। सबसे बड़ी समस्या हाउस टैक्स का स्वमूल्यांकन करना है। जिसकी जानकारी नहीं दी जाती।पूजा देवीहर विभाग धीरे-धीरे ऑनलाइन मोड में तेजी से काम रहा है। लेकिन नगर निगम ऑनलाइन सेवा देने में पूरी तरह पिछड़ रहा है। इसके लिए टेक्नीकल स्टॉफ रखे जाने चाहिए। साथ ही कर्मचारियों को समय-समय पर ट्रैनिंग दी जानी चाहिए।स्वाति नेगीdehradun@inext.co.in


Source: Dainik Jagran February 02, 2026 22:10 UTC



Loading...
Loading...
  

Loading...

                           
/* -------------------------- overlay advertisemnt -------------------------- */