Dainik Jagran बाल संवाद : शहर को स्वच्छ नहीं बना पा रहा निगम, पालीथिन का प्रयोग क्योंबचपन कच्ची माटी है समाज व समय के अनुरूप इसी मिट्टी से मनुष्यता आकार लेती है। दैनिक जागरण ने बाल दिवस के उपलक्ष्य में किशोर मन को मंच उपलब्ध करा रहा है ताकि वे व्यवस्था से जुड़े सवाल रखें। इस क्रम में नगर आयुक्त से बच्चों ने संवाद किया।वाराणसी, जेएनएन। बचपन कच्ची माटी है, समाज और समय के अनुरूप इसी मिट्टी से मनुष्यता आकार लेती है। हमारे बच्चों में अभी से नागरिक बोध का स्वर उच्चारित हो, इसी उद्देश्य से दैनिक जागरण ने बाल दिवस के उपलक्ष्य में किशोर मन को मंच उपलब्ध करा रहा है ताकि वे व्यवस्था से जुड़े सवाल रखें। इस क्रम में मंगलवार को नगर आयुक्त गौरांग राठी से बच्चों ने संवाद किया।सवाल : वाराणसी में स्मार्ट सिटी के तहत तमाम कार्य हो रहे हैं। इसके बावजूद नगर निगम शहर को स्वच्छ क्यों नहीं बना पा रहा है? -पृथ्वी रघुवंशी, मुकुलारण्यम इंग्लिश स्कूलजवाब : नगर निगम की स्थापना नगर क्षेत्र में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हुई है। गांवों के विकास के लिए ग्राम पंचायत सहित अन्य संस्थाएं हैं। अब गांवों को भी सुविधा संपन्न बनाया जा रहा है। गांवों में भी शहरों की भांति सुविधाएं मिल रहीं हैं। सड़क, पेयजल, विद्यालय, अस्पताल सहित अन्य सुविधाएं गांवों में भी हैं।सवाल : स्मार्ट सिटी के तहत क्या गलियों में भी कैमरे लगाए जाएंगे? गलियों में भी अपराध होते रहते हैं।-आलोक सिंह, देववाणी इंटर कालेजजवाब : प्रथम चरण में नगर के प्रमुख चौराहों, तिराहों पर कैमरे लगवाए गए हैं। करीब 3000 कैमरे और लगाने की प्रक्रिया चल रही है। सभी कैमरे पुलिस विभाग की संस्तुतियों या उनके द्वारा चिह्नित स्थानों पर ही लगवाए जा रहे हैं।सवाल : प्राइवेट स्कूल की भांति सरकारी स्कूलों में पढ़ाई क्यों नहीं होती है? -अभिषेक पाल, देववाणी इंटर कालेजजवाब : ऐसा नहीं है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई नहीं होती है। सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों की योग्यता में कोई कमी नहीं है। उनका चयन प्रतियोगी परीक्षाओं के तहत होता है। जिस विद्यालय का मैनेजमेंट जितना अच्छा है। वहां उतनी ही अच्छी पढ़ाई होती है। शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकारी विद्यालयों में समय-समय पर परीक्षण भी किया जा रहा है, यही नहीं कार्रवाई भी हो रही है।सवाल : लहरतारा क्षेत्र के सफाईकर्मी झाड़ू लगाने के लिए पैसा मांगते हैं।-संजना कुमारी, आदर्श नव ज्योति इंटर कालेजजवाब : गली-मोहल्ला की सफाई के लिए सफाईकर्मियों को नगर निगम भुगतान करता है। ऐसा नहीं हो सकता है। लहरतारा का कुछ क्षेत्र पहले नगरीय सीमा में नहीं था। नगरीय सीमा के विस्तार के बाद अब नगर निगम में शामिल हुआ है। यदि आप घर का सही लोकेशन बताएं तो इसकी पड़ताल की जाएगी।सवाल : कुछ दिनों तक पालीथिन पर प्रतिबंध क्यों हटा लिया गया।-अंकित कुशवाहा, हर्ष इंटर कालेजजवाब : कौन कहता था कि पालिथीन पर से प्रतिबंध हटा लिया गया है। पहले की तरह पालिथीन पर प्रतिबंध जारी है। दुकानदार के पास पालीथिन मिलने पर नगर निगम अर्थदंड भी लगा रहा है। हमें भी जागरूक होने की जरूरत है। थैला लेकर ही हमें बाजार जाना चाहिए।सवाल : नगर निगम गाय-सांड़, बंदर सहित अन्य पशुओं को पकडऩे के लिए समय-समय पर अभियान चलाता रहता है। क्या नगर निगम कर्मियों को रोड या गलियों में सुअर नहीं दिखाई देते हैं? -अंकित कुशवाहा, हर्ष इंटर कालेजजवाब : आपकी बात सही है। सुअर पकडऩे के लिए नगर निगम अभियान नहीं चलाता है। आपका सुझाव अच्छा है। भविष्य में सुअर बाड़ा बनाने पर भी नगर निगम विचार करेगा, ताकि सुअरों के खिलाफ भी अभियान चलाया जा सके। हालांकि जबकि नगर में गंदगी ही नहीं रहेगी तो सुअर अपने आप दिखाई नहीं देंगे।सवाल : चंदुआ सट्टी पर अतिक्रमण इस कदर रहता है कि इस रोड से आने-जाने में घंटों समय लग जाता है। ऐसा क्यों?
Source: Dainik Jagran November 18, 2020 01:41 UTC