अभी है भारी कंजेशन भारतीय रेल में ढेरों ऐसे सेक्शन हैं, जिनमें क्षमता से ज्यादा गाड़ियां चलाई जा रही हैं। कंजेशन के मामले में दिल्ली-कानपुर सेक्शन नंबर वन पर है। इस सेक्शन पर ट्रेनों की इतनी अधिकता है कि कम महत्व वाली गाड़ियां छह-सात घंटे तक लेट हो जाती हैं। मालगाड़ियों की तो बात ही मत पूछिए। जब यात्री गाड़ी ही लेट हो जा रही हैं तो मालगाड़ी का तो भगवान ही मलिक रहता है। इसी स्थिति से निजात दिलाने के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कोरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। इस गलियारे पर सिर्फ मालगाड़ियां ही चलेंगी।पैसेंजर ट्रेन को मिलेगा आसानी से रास्ता दिल्ली से कानपुर के बीच अब प्रीमियम ट्रेनों के अलावा मेल-एक्सप्रेस (Mail Express trains), सवारी गाड़ी (Passengers Trains) और डीएमयू या एमईएमयू (DMU & MEMU) जैसी गाड़ियों को भी आसानी से रास्ता मिलेगा। अभी तक तो कंजेशन का सबसे अधिक शिकार ये ट्रेनें ही होती थीं। ऐसा इसलिए, क्योंंकि शत प्रतिशत मालगाडी वर्तमान रेल मार्ग से डीएफसी पर शिफ्ट हो जाएंगी।100 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ेंगी मालगाड़ी इंडियन रेलवे मैकेनिकल इंजीनियरिंग सेवा (IRSME) से इस्तीफा दे कर रेलवे से जुड़ी फैक्ट्री लगाने वाले नरेश कुमार का कहना है कि डीएफसी (DFC) पर आज जो सेक्शन खुला है, इस पर मालगाड़ियां 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी। इस समय मालगाडिय़ों की औसत रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा है। यही नहीं, डीएफसी पर ज्यादा वजन लेकर चलने वाली मालगाड़ियां भी दौड़ सकेंगी।
Source: Navbharat Times December 29, 2020 05:52 UTC