DA Hike News: अप्रैल महीने का एक हफ्ते से ज्यादा समय बीत चुका है लेकिन अभी तक केंद्र सरकार की तरफ से महंगाई भत्ते (DA) का ऐलान नहीं किया है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगी बड़ी बेसब्री से जनवरी-जून अवधि के लिए महंगाई भत्ते (DA) की बढ़ोतरी की घोषणा का इंतजार हैं।केंद्र सरकार हर साल दो बाद डीए में संशोधन करती है और पिछले कुछ वर्षों में एक पैटर्न सामने आया है कि पहली बढ़ोतरी (जनवरी-जून अवधि) आम तौर पर होली के आसपास जबकि दूसरी (जुलाई-दिसंबर चक्र) दिवाली के समय होती है लेकिन अभी अप्रैल का एक हफ्ते से ज्यादा समय बीत चुका है लेकिन अभी कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है।अभी कितना है डीए? बता दें कि अभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 58 प्रतिशत डीए मिल रहा हैं।लेवल 1 कर्मचारी के लिए:– बेसिक पे: 18,000 रुपये– मौजूदा डीए (58 प्रतिशत): 10,440 रुपये2 फीसदी बढ़ा डीए तो कितनी हो जाएगी सैलरी? अगर डीए में दो फीसदी बढ़ोतरी होती है तो मौजूदा डीए (58 प्रतिशत) के हिसाब से DA दर बढ़कर 60% हो जाएगी। जिससे संशोधित DA राशि 10,800 रुपये रह जाएगी। यानी Level 1 कर्मचारियों के लिए करीब 360 रुपये प्रति माह की बढ़ोत्तरी होगी।3 फीसदी बढ़ा डीए तो कितनी हो जाएगी सैलरी? अगर डीए में तीन फीसदी बढ़ोतरी होती है तो मौजूदा डीए (58 प्रतिशत) के हिसाब से DA दर बढ़कर 61% हो जाएगी। जिससे संशोधित DA राशि 10,980 रुपये रह जाएगी। यानी Level 1 कर्मचारियों के लिए करीब 540 रुपये प्रति माह की बढ़ोत्तरी होगी।क्या होता है DA? DA (महंगाई भत्ता), जो सीधे सरकारी कर्मचारी के मूल वेतन से जुड़ा होता है, केंद्र सरकार द्वारा साल में दो बार बढ़ाया जाता है। सरकार कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर महंगाई के प्रभाव को कम करने के लिए डीए में संशोधन करती है।यह मौजूदा केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर कॉस्ट ऑफ लिविंग एडजस्टेमेंट के रूप में लागू होता है, जबकि निजी क्षेत्र के कर्मचारी आमतौर पर इसके हकदार नहीं होते हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी महंगाई भत्ता मिलता है।डिस्क्लेमर: यह कैलकुलेशन केवल उदाहरण के लिए है। अंतिम बढ़ोतरी सरकार की आधिकारिक घोषणा पर निर्भर करेगी।यह भी पढ़ें: ग्रेच्युटी के नियमों में बदलावपिछले साल 21 नवंबर 2025 से देश में नए लेबर कोड लागू किए गए। इन नए नियमों से रोजगार, वेतन और कार्यस्थल से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव हुआ। इसका असर ग्रेच्युटी के प्रावधानों पर भी पड़ा है, जिससे कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों के लिए गणना का तरीका बदल गया है। यहां पढ़ें पूरी खबर…
Source: NDTV April 07, 2026 12:40 UTC