Cough treatment: प्रदूषण में सूखी खांसी को हल्के में न लें, ENT डॉ. ने बताया 5 लक्षण दिखते ही जाएं अस्पताल - News Summed Up

Cough treatment: प्रदूषण में सूखी खांसी को हल्के में न लें, ENT डॉ. ने बताया 5 लक्षण दिखते ही जाएं अस्पताल


प्रदूषण से होने वाली खांसी से राहत पाने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं। दिनभर गुनगुने तरल पदार्थ पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है और सांस की नलियों को आराम मिलता है। नियमित भाप लेने से बलगम पतला होता है और फेफड़ों में जमा गंदे कण बाहर निकलने में मदद मिलती है। नाक साफ रखने के लिए नेजल रिंस या जल नेति एक सुरक्षित तरीका है। इसके अलावा, ज्यादा प्रदूषण वाले इलाकों में बाहर निकलते समय मास्क पहनना फेफड़ों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।अगर सूखी खांसी के साथ बुखार, भूख न लगना या वजन तेजी से कम होने लगे, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह किसी गंभीर फेफड़ों की बीमारी का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से मिलें और छाती का एक्स-रे जरूर कराएं।प्रदूषण का असर सिर्फ फेफड़ों तक सीमित नहीं रहता। लंबे समय तक गंदी हवा में सांस लेने से नाक की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचता है, जिससे राइनाइटिस और साइनुसाइटिस की समस्या हो सकती है। इसका एक आम लक्षण है पोस्ट-नेजल ड्रिप, यानी नाक से बलगम का गले में गिरना। ऐसी परेशानी होने पर ईएनटी एक्सपर्ट से सलाह लेना जरूरी होता है।कई बार प्रदूषण के कारण खांसी के साथ आवाज भारी हो जाती है या बैठ जाती है। यह लैरिंक्स या श्वासनली में सूजन का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में भाप लेना और कमरे में नमी बनाए रखना फायदेमंद होता है। अगर समस्या ज्यादा बढ़ जाए, तो डॉक्टर लैरिंगोस्कोपी जैसी जांच की सलाह दे सकते हैं।डॉक्टर ने बताया कि लंबे समय तक होने वाली खांसी को बिलकुल भी नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में डॉक्टर छाती का एक्स-रे या फेफड़ों की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। अगर खांसी के साथ ज्यादा या गाढ़ा बलगम आने लगे, तो बलगम की जांच भी जरूरी हो सकती है।


Source: Navbharat Times January 13, 2026 08:57 UTC



Loading...
Loading...
  

Loading...

                           
/* -------------------------- overlay advertisemnt -------------------------- */