जेएनएन, माला दीक्षित। Harassment allegations against CJI अमर्यादित आचरण के आरोपों के मामले मे मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई (Chief Justice Ranjan Gogoi) जांच कमिटी के सामने पेश हुए। सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की आंतरिक कमिटी पूर्व महिला कर्मचारी द्वारा सीजेआई पर लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरोपों की जांच के लिए कमिटी गठित की गई थी। ऐसे मे माना जा रहा है कि जांच कमिटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट कोर्ट को सौंपेगी।बता दें कि कमिटी ने मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को अनुरोध पत्र (Letter of Request) भेजा था, जिसे स्वीकार करने के बाद मुख्य न्यायाधीश कमिटी के सामने पेश हुए। दरअसल, उच्च संवैधानिक पदों पर आसीन प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश और राष्ट्रपति को समन नही भेजा जाता, उन्हें अनुरोध पत्र भेजा जाता है।वहीं, शिकायतकर्ता पूर्व महिला कर्मचारी ने तीन दिन कमेटी मे पेश होने के बाद मंगलवार को जांच कमेटी पर सवाल उठाते हुए कमेटी की कार्यवाही मे भाग लेने से इन्कार कर दिया था, जिसके बाद जाँच कमेटी ने एकतरफा सुनवाई जारी रखने का फैसला लिया है। महिला ने आरोप लगाया था कि उसे तीन जजों की आंतरिक जांच कमेटी से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है इसलिए वह आगे से जांच कमेटी की कार्यवाही में भाग नहीं लेगी। महिला ने ये बातें प्रेस बयान जारी कर कहीं हैं।शिकायतकर्ता महिला का आरोप है कि जब वह मुख्य न्यायाधीश के आवास स्थित दफ्तर में काम करती थी उस समय दो बार उसके साथ अमर्यादित व्यवहार हुआ था। मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ महिला की शिकायत की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने तीन न्यायाधीशों की आंतरिक जांच समिति बनाई है जो कि मामले की सुनवाई कर रही है। जांच समिति में सुप्रीम कोर्ट के दूसरे नंबर के वरिष्ठतम न्यायाधीश एसए बोबडे व दो महिला न्यायाधीश इंदिरा बनर्जी व इंदू मल्होत्रा हैं। गत शुक्रवार के बाद सोमवार को मामले पर फिर सुनवाई हुई। इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट परिसर के बजाए सुप्रीम के गेस्ट हाउस में इन चैम्बर (बंद कमरे) में हुई है।Posted By: Manish Pandey
Source: Dainik Jagran May 02, 2019 05:48 UTC