Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण पर आज पूरे दिन रहेगा सूतक, जानें इसमें क्या करें और क्या न करें? - News Summed Up

Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण पर आज पूरे दिन रहेगा सूतक, जानें इसमें क्या करें और क्या न करें?


Chandra Grahan 2026 Sutak Ke Niyam: सनातन परंपरा में चंद्र ग्रहण, सूर्य ग्रहण या फिर किसी की मृत्यु और जन्म के समय सूतक लगने की मान्यता है। यह सूतक काल वह अशुद्धि का समय होता है, जिसमें पूजा-पाठ से लेकर शुभ कार्यों की मनाही होती है। आज फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है, जिसका सूतक काल प्रात:काल 6 बजकर 20 मिनट से प्रारंभ हो गया है और यह आज पूरे दिन चंद्र ग्रहण के समाप्त होने तक रहेगा। ऐसे में सवाल उठता है​ कि जिस सूतक काल को मांगलिक कार्य आदि के लिए अशुभ माना गया है, उसमें आखिर दोष से बचने के लिए क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए. चंद्र ग्रहण के सूतक काल में भूलकर न करें ये कामहिंदू मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण का सूतक लगने के बाद व्यक्ति को देवी-देवताओं की मूर्ति की पूजा और उनका स्पर्श आदि नहीं करना चाहिए।Chandra Grahan 2026: साल के पहले चंद्र ग्रहण से जुड़ी 10 बड़ी बातें जो आपको जरूर जाननी चाहिएचंद्र ग्रहण का सूतक लगने के बाद व्यक्ति को भोजन नहीं पकाना चाहिए और नही पूर्व रखे हुए भोजन को करना चाहिए। हालांकि यह नियम रोगी, गर्भवती महिलाओं और बच्चों पर नहीं लागू होता है।चंद्र ग्रहण का सूतक लगने के बाद व्यक्ति पके हुए भोजन की जगह फल आदि का सेवन कर सकता है।चंद्र ग्रहण का सूतक लगने के बाद व्यक्ति को यदि आवश्यक न हो तो ग्रहण खत्म होने तक घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।चंद्र ग्रहण का सूतक लगने के बाद व्यक्ति को किसी भी प्रकार का शुभ या मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए।चंद्र ग्रहण का सूतक लगने के बाद व्यक्ति को बाल-दाढ़ी आदि नहीं कटवाना चाहिए।Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण खत्म होने के बाद आज स्नान से लेकर दान तक जरूर करें ये 8 जरूरी कामचंद्र ग्रहण के सूतक के दौरान किसी नये कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए।चंद्र ग्रहण का सूतक लगने के बाद व्यक्ति को व्यक्ति को सोना नहीं चाहिए।चंद्र गहण का सूतक लगने के बाद व्यक्ति को भूलकर भी वाद-विवाद नहीं करना चाहिए ओर न ही किसी के प्रति बुरे विचार लाने चाहिए।चंद्र ग्रहण के सूतक में क्या करेंहिंदू मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण का सूतक लगने के बाद यदि संभव हो तो व्यक्ति को अपने आराध्य देवी-देवता के मंत्र का जप किसी पवित्र स्थान पर बैठकर करना चाहिए।सूतक काल को किसी भी मंत्रों के जप के लिए अत्यंत ही फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इस दौरान​ किया गया जप कई गुना ज्यादा पुण्य प्रदान करता है।चंद्र ग्रहण के सूतक काल में भगवान विष्णु और चंद्र देवता के मंत्र का अधिक से अधिक जप करना शुभ फल प्रदान करता है. (Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)


Source: NDTV March 03, 2026 04:58 UTC



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