योजना को पूरी तरह लागू होने में 8 से 10 महीने लग सकते हैं। तब तक 50 बसें लीज पर लेकर चलाई जाएंगी। 100 बसों के संचालन के लिए जल्द ही रूट सर्वे किया जाएगा। पिछले 12 वर्षों में बस सेवा के कई प्रयोग हुए, लेकिन कोई भी टिकाऊ मॉडल नहीं बन पाया।लेखक के बारे में देवेश पांडेय नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कंसल्टेंट है। टीवी चैनल्स और डिजिटल मीडिया में काम करने का 8 साल का अनुभव है। पॉलिटिक्स और खेल के क्षेत्र में अनुभव और दिलचस्पी रखते हैं। कई आईपीएल मैच, लखनऊ में वर्ल्ड कप 2023 कवर किया। राजनीती में 2017 और 2022 का यूपी चुनाव भी कवर किया। भारत समाचार, इंडिया न्यूज़, न्यूज़1 इंडिया जैसे न्यूज़ चैनल्स में और डिजिटल मीडिया काम किया। लखनऊ यूनिवर्सिटी से ही पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।... और पढ़ें
Source: Navbharat Times February 24, 2026 07:59 UTC