नई दिल्ली, एजेंसियां। देश में अगले शनिवार को आम बजट पेश किया जाना है। ऐसे में प्रधान न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे ने टैक्स को लेकर अहम बयान दिया है। जस्टिस बोबडे ने शुक्रवार को कहा कि नागरिकों पर अधिक टैक्स लगाना सामाजिक अन्याय है। आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के 79वें स्थापना दिवस समारोह में जस्टिस बोबडे ने कर चोरी को अपराध करार देते हुए उसे अन्य लोगों के साथ सामाजिक अन्याय बताया। इसके साथ ही यह भी कहा कि सरकार द्वारा लोगों पर मनमाना या अधिक कर लगाना भी एक तरह का सामाजिक अन्याय है।प्रधान न्यायाधीश (सीजेआइ) ने कहा कि नागरिकों से उसी तरह से टैक्स वसूला जाए, जिस तरह से मधुमक्खी फूलों को नुकसान पहुंचाए बिना उससे रस निकालती है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जबकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को साल 2020-21 का आम Budget पेश करने जा रही हैं। इस बार उनसे Income Tax में राहत की उम्मीद की जा रही है।उल्लेखनीय है कि सरकार देश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए पिछले साल सितंबर में कॉरपोरेट टैक्स में भारी कटौती कर चुकी है।प्रधान न्यायाधीश ने टैक्स से संबधित विवादों के त्वरित निकारण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विवादों का त्वरित समाधान आयकरदाताओं के लिए इंसेंटिव के समान है और इससे मुकदमों मे फंसा पैसा भी निकल जाता है। जस्टिस बोबडे ने जोर देकर कहा कि कर न्यायपालिका देश के लिए संसाधन जुटाने में बहुत अहम भूमिका निभाती है। न्याय में देरी पर चिंता जताते हुए सीजेआइ ने कहा कि इसी के चलते न्यायाधिकरणों का गठन हुआ।Posted By: Ankit Kumarडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस
Source: Dainik Jagran January 25, 2020 05:15 UTC