Bihar Power Shift: Ashok Choudharys Influence Diminishes? Nitishs Kitchen Cabinet Fate - News Summed Up

Bihar Power Shift: Ashok Choudharys Influence Diminishes? Nitishs Kitchen Cabinet Fate


CM नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा सदस्य चुन लिए जाएंगे। इसके बाद वह दिल्ली कूच करेंगे। बिहार की राजनीति में 20 साल बाद पहला मौका है जब सूबे में बिना नीतीश के चेहरे की सरकार होगी।. NDA सरकार में पहली बार भाजपा का CM बनने जा रहा है। साथ ही मंत्रिमंडल में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अभी JDU की ओर से नीतीश कुमार के कई बेहद करीबी नेता अहम मंत्रालयों को संभाल रहे हैं। संभव है कि नए CM बनने के नीतीश के किचेन कैबिनेट के मंत्रियों की जिम्मेदारी बदल जाए।दैनिक भास्कर की इस रिपोर्ट में पढ़िए, नीतीश कुमार के बेहद करीबी मंत्रियों का क्या होगा? नए सत्ता समीकरण का असर किन बड़े मंत्रियों पर पड़ सकता है? विजय चौधरीः मंत्री बनना तय, डिप्टी सीएम के रेस मेंविजय चौधरी जदयू के सबसे ताकतवर मंत्रियों में दूसरे नंबर पर माने जाते हैं। मुख्यमंत्री के इर्द-गिर्द रहने वालों में से एक हैं। नीतीश को इन पर पूरा भरोसा है। शिलान्यास हो या उद्घाटन, हर जगह नीतीश के साथ दिखते हैं।मृदु भाषी विजय चौधरी कांग्रेस से JDU में आए हैं। अच्छी भाषा शैली और बेहतर तरीके से अपनी बात रखना जानते हैं। नई सरकार में इनका मंत्री बनन लगभग तय है। अगर JDU कोटे से दो डिप्टी CM हुए तो एक यह हो सकते हैं। मतलब नई सरकार में भी इनका रुतबा बरकरार रह सकता है।राजनीतिक सफर- विजय चौधरी 1982 से बिहार विधानसभा के सदस्य (एमएलए) रहे हैं। नीतीश के करीबी रहने का फल इन्हें मिलता रहा। 2015 से 2020 तक बिहार विधानसभा के अध्यक्ष रहे हैं।उन्होंने वित्त, शिक्षा, ग्रामीण विकास, कृषि और भवन निर्माण जैसे प्रमुख विभागों को संभाला है। सराय रंजन विधानसभा से जीतते रहे हैं। 1995 और 2000 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े और हारे। 2005 में जदयू का दामन थामा था।मौजूदा स्थिति- विजय चौधरी संसदीय कार्य सह जल संसाधन मंत्री हैं। इनके पास भवन निर्माण विभाग जैसे बड़े विभाग की जिम्मेदारी है। सीएम नीतीश कुमार इनके बिना दो कदम नहीं चलते हैं। नीतीश के साथ छाएं की तरह रहते हैं।3. सुनील कुमारः बदल सकता है मंत्रालय1987 बैच के पूर्व आईपीएस अधिकारी सुनील कुमार नीतीश के करीबी नेताओं में से एक हैं। IPS से रिटायर होने के बाद जदयू के टिकट से चुनाव लड़े और जीते। नीतीश ने इन्हें चुनाव लड़ाया था। चुनाव जीतने के बाद से शिक्षा विभाग जैसा महत्वपूर्ण विभाग दिया।सीएम नीतीश कुमार इनके प्रशंसक हैं। ईमानदार छवि और प्रशासनिक अनुभव के कारण सुनील नीतीश को पसंद हैं। नई सरकार में भी मंत्री बनेंगे।राजनीतिक सफर- 2020 में बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक के पद से रिटायर हुए थे। इसके तुरंत बाद जदयू में शामिल हो गए। पिता चंद्रिका राम बिहार सरकार में मंत्री थे। उनके भाई अनिल कुमार विधायक रह चुके हैं। 2020 से कैबिनेट में मंत्री हैं। गोपालगंज जिले के भोरे (सुरक्षित सीट) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं।मौजूदा स्थिति- शिक्षा विभाग के साथ ही विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा और उच्च शिक्षा विभागों की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। शिक्षकों की भर्ती और सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की अच्छी व्यवस्था के लिए काम कर रहे हैं। नई सरकार में मंत्रालय बदल सकता है।JDU के सभी मंत्री हो सकते हैं रिपीटसूत्रों के मुताबिक, JDU के सभी 8 मंत्री रिपीट होंगे। बिजेंद्र यादव अगर अपने मन से पद छोड़ेंगे तब ही वह मंत्री नहीं बनेंगे, वरना सभी मंत्री रिपीट होंगे।


Source: Dainik Bhaskar March 10, 2026 12:58 UTC



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