Beed News एक युवक ने निजी साहूकार की प्रताड़ना से तंग आकर दिद्रुंड पुलिस थाने के क्षेत्र के कारी गांव परिसर में एक नीम के पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया। इस मामले में 20 फरवरी को देर रात के समय निजी साहूकार के खिलाफ पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया गया है।जानकारी अनुसार धारुर तहसील के गावंदरा के 22 वर्षीय धर्मराज अर्जुन बड़े के माता-पिता ने साहूकार बालासाहब कांबले और उनकी पत्नी कौनताबाई बालासाहब कांबले से ब्याज पर 50,000 रुपए का कर्ज लिए थे। इस वजह से बालासाहब और कौनताबाई लगातार धर्मराज, मां संगीता और पिता अर्जुन बड़े को गालिया देकर परेशान कर रहे थे। जब धर्मराज और मां संगीता गुरुवार को केस दर्ज कराने धारुर पुलिस थाने गए, तो घागरवाड़ा के रहने वाले भागवत अनुराथ वेताल ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया और कहा, "केस दर्ज मत करो वरना हम तुम्हारे खिलाफ भी गंभीर केस दर्ज करेंगे। धर्मराज बड़े ने इन सब परेशानियों से तंग आकर उसने पालखी हाईवे पर कारी परिसर के एक खेत के पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक कर रहे हैंशुक्रवार सुबह करीब 9 बजे घटना का पता चलने के बाद, रिश्तेदारों ने कड़ा रुख अपनाया और पुलिस से अंबाजोगाई के स्वाराति अस्पताल में बंद कमरे में पोस्टमार्टम करने की मांग की। अंबाजोगाई में पोस्टमार्टम के बाद, धर्मराज बड़े के रिश्तेदार शुक्रवार रात करीब 7:30 बजे सीधे उसकी बॉडी को दिद्रुंड पुलिस थाने ले आए और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करने की मांग की। बॉडी को साढ़े चार से पांच घंटे तक पुलिस थाने परिसर में रखा गया, जिससे काफी अफरा-तफरी और तनाव की स्थिति बन गई। आखिर में, दिंद्रुंड पुलिस थाने के सहायक पुलिस निरक्षक महादेव ढाकने ने सीनियर पुलिस अधिकारियों से सलाह करने के बाद मामला दर्ज किया। मृतक धर्मराज बड़े का अंतिम संस्कार शुक्रवार रात 12 बजे के बाद गावंदरा में गमगीन माहौल में किया गया। मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक सलमान शेख कर रहे हैं।
Source: Dainik Bhaskar February 22, 2026 01:54 UTC