Photo : ET NOW SWADESH Digitalअशोक लेलैंड पर मोतीलाल ओसवाल का बड़ा दांव: 255 रुपये के लक्ष्य के साथ निवेश की सलाह। (एआई जनरेटेड फोटो)हाइलाइट्स Ashok Leyland Management Meet: डिफेंस ऑर्डर्स और EV सेगमेंट से बदलेगी कंपनी की किस्मत।ऑटो सेक्टर में हलचल: क्या अशोक लेलैंड का शेयर छुएगा नया शिखर? ब्रोकरेज ने बढ़ाई रेटिंग।अशोक लेलैंड: इन्फ्रास्ट्रक्चर में तेजी और पुराने वाहनों के रिप्लेसमेंट से मुनाफे की उम्मीद।Ashok Leyland Price Target: भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने हिंदुजा समूह की प्रमुख कंपनी अशोक लेलैंड पर अपनी सकारात्मक राय पेश की है। कंपनी के हालिया मैनेजमेंट मीट के बाद ब्रोकरेज ने शेयर के लिए 255 रुपये का संशोधित प्राइस टारगेट जारी किया है। विश्लेषकों का मानना है कि कमर्शियल व्हीकल (CV) साइकिल में मजबूती और कंपनी की बेहतर मार्जिन प्रोफाइल आने वाले समय में निवेशकों के लिए बेहतरीन रिटर्न का जरिया बन सकती है। कंपनी का शेयर बीएसई पर आज 147 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, ऐसे में 50 फीसदी से ज्यादा की कमाई का मौका ये शेयर देता लग रहा है। भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने हिंदुजा समूह की प्रमुख कंपनी अशोक लेलैंड पर अपनी सकारात्मक राय पेश की है। कंपनी के हालिया मैनेजमेंट मीट के बाद ब्रोकरेज ने शेयर के लिए 255 रुपये का संशोधितजारी किया है। विश्लेषकों का मानना है कि कमर्शियल व्हीकल (CV) साइकिल में मजबूती और कंपनी की बेहतर मार्जिन प्रोफाइल आने वाले समय में निवेशकों के लिए बेहतरीन रिटर्न का जरिया बन सकती है। कंपनी का शेयर बीएसई पर आज 147 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, ऐसे में 50 फीसदी से ज्यादा की कमाई का मौका ये शेयर देता लग रहा है।मार्जिन विस्तार और वित्तीय मजबूतीप्रबंधन के साथ हुई चर्चा के मुख्य बिंदुओं पर नजर डालें तो अशोक लेलैंड का पूरा ध्यान अब केवल वॉल्यूम बढ़ाने पर नहीं, बल्कि मुनाफे की गुणवत्ता पर है। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कंपनी ने 13.3% का EBITDA मार्जिन दर्ज किया है, जो बाजार के अनुमानों से बेहतर रहा। पूरा आर्टिकल पढ़ेंमोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के अनुसार, "कंपनी ने डिस्काउंटिंग पर कड़ा नियंत्रण रखा है और कीमतों में समय-समय पर बढ़ोतरी की है। इससे कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के बावजूद मार्जिन को सुरक्षित रखने में मदद मिली है।" कंपनी का लक्ष्य मध्यम अवधि में अपने मार्जिन को 14-15% के स्तर तक ले जाना है।कंपनी की ग्रोथ के प्रमुख कारकअशोक लेलैंड की भविष्य की रणनीति तीन मुख्य स्तंभों पर टिकी है:इन्फ्रास्ट्रक्चर और माइनिंग में तेजी: सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे पर बढ़ते खर्च के कारण 'मल्टी-एक्सल' ट्रकों और टिपर्स की मांग में भारी उछाल देखा जा रहा है। अशोक लेलैंड इस सेगमेंट में अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है।डिफेंस सेक्टर का ऑर्डर बुक: कंपनी को भारतीय सेना से लगातार बड़े ऑर्डर मिल रहे हैं। आने वाले 2-3 वर्षों में रक्षा क्षेत्र से लगभग 10,000 से अधिक वाहनों की मांग की उम्मीद है, जो कंपनी के गैर-सीवी रेवेन्यू को बड़ा सहारा देगा।स्विच मोबिलिटी: कंपनी की इलेक्ट्रिक वाहन (EV) इकाई, स्विच मोबिलिटी, अब ब्रेक-ईवन के करीब है। इलेक्ट्रिक बसों के बढ़ते टेंडर और 'ग्रीन मोबिलिटी' की ओर बढ़ते रुझान से अशोक लेलैंड को इस सेगमेंट में 'फर्स्ट मूवर' का लाभ मिल रहा है।— ANI (@ANI)बाजार हिस्सेदारी और रिप्लेसमेंट साइकिलभारतीय सड़कों पर चल रहे कमर्शियल वाहनों की औसत आयु वर्तमान में लगभग 9.5 वर्ष है। यह पिछले कई दशकों में सबसे अधिक है। विश्लेषकों का मानना है कि अब एक बड़ा 'रिप्लेसमेंट साइकिल' शुरू होने वाला है, जहां पुराने वाहनों को नए BS6 नियमों वाले ट्रकों से बदला जाएगा। अशोक लेलैंड ने मीडियम और हैवी कमर्शियल व्हीकल (MHCV) सेगमेंट में अपनी बाजार हिस्सेदारी को 35% तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।निवेशकों के लिए क्या है सलाह? हालांकि मार्च के बिक्री आंकड़ों में मामूली सुस्ती के कारण शेयर में कुछ सुधार देखा गया है, लेकिन मोतीलाल ओसवाल इसे खरीदारी के एक अच्छे अवसर के रूप में देख रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी की बैलेंस शीट अब काफी हल्की है और कर्ज में भारी कमी आई है।
Source: NDTV April 02, 2026 04:06 UTC